प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
अमेरिका की दिग्गज स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स, डिस्कवरी ग्लोबल से अलग होने के बाद वार्नर ब्रदर्स का अधिग्रहण करने जा रही है, जिसमें इसके फिल्म और टेलीविजन स्टूडियो, एचबीओ मैक्स और एचबीओ शामिल हैं। इससे भारत के जी5 और सन नेक्स्ट जैसे ब्रॉडकास्टर-आधारित स्ट्रीमिंग मंच और क्षेत्रीय प्लेटफॉर्म पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार के बीच प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
उद्योग के जानकारों का कहना है कि इस कदम से न केवल अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म की देश में विस्तार करने की क्षमता प्रभावित होगी बल्कि प्रोडक्शन हाउस पर भी अपनी प्रोडक्शन वैल्यू और कहानी की गुणवत्ता बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है। नतीजतन, क्षेत्रीय स्ट्रीमिंग खिलाड़ियों को किसी विशेष श्रेणी को भुनाने या स्थानीय भाषाओं में सामग्री की पेशकश कर खुद को और अलग करना होगा।
इलारा कैपिटल के अनुसार, इसके कारण छोटे या विशेष श्रेणी के ओटीटी मंच, प्रसारणकर्ताओं के नेतृत्व वाले ओटीटी या एमेजॉन के साथ नई साझेदारी करने के लिए बाध्य हो सकते हैं, क्योंकि इन्हें नेटफ्लिक्स और जियो स्टार के बढ़ते प्रभुत्व के बीच अपने अस्तित्व को बनाए रखने की कोशिश करनी पड़ सकती है।
इलारा कैपिटल के कार्यकारी उपाध्यक्ष करण तौरानी ने कहा, ‘स्पोर्ट्स में जियो स्टार का एकाधिकार होने के साथ यह अधिग्रहण नेटफ्लिक्स को फिल्मों, मूल सामग्री एवं वैश्विक टीवी सामग्री के लिए सबसे मजबूत मंच के रूप में स्थापित करेगा, जिससे इसका कैटलॉग किसी भी अन्य प्रतिस्पर्द्धी ओटीटी से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगा।’
उन्होंने यह भी कहा कि इससे नेटफ्लिक्स को भारत जैसे कीमत के लिहाज से संवेदनशील बाजार में अपने एआरपीयू (प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व) को बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जिसे व्यापक सामग्री और कैटलॉग का समर्थन मिलेगा। कुल मिलाकर, यह ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और सन टीवी जैसे टीवी प्रसारणकर्ताओं के लिए नकारात्मक है, क्योंकि प्रतिस्पर्धी ओटीटी मंच व्यापक सामग्री की पेशकश के साथ और बड़े होते जा रहे हैं, जिससे ब्रॉडकास्टर ओटीटी विस्तार के लिए सीमित गुंजाइश बचती है।