सुबह के करीब 11 बजे का वक्त है। मुंबई के पूर्वी उपनगरीय इलाके में 22 बेड वाले छोटे नर्सिंग होम, डॉ मीनाज मल्टीस्पेशियल्टी हॉस्पिटल में पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक देसाई (बदला हुआ नाम) की रिसेप्शनिस्ट के साथ बहस हो रही है। देसाई और उनकी पत्नी की उम्र 55 से 60 साल के बीच होगी और वे दोनों बूस्टर खुराक के लिए टीका केंद्र पर आए। उन्हें उम्मीद थी कि टीके की एक खुराक की कीमत 368 रुपये प्रति खुराक होगी। उस दिन का अखबार हाथों में लिए देसाई रिसेप्शनिस्ट को बोल रहे थे कि अस्पताल टीके की पुरानी दरों के हिसाब से शुल्क कैसे ले सकता है जब कीमतों में संशोधन किया गया है।
वह रिसेप्शनिस्ट बिल्कुल असहाय दिख रही है। उस लडक़ी ने कहा, ‘मैं सुबह से इस तरह की पूछताछ से जूझ रही हूं। हमलोगों ने कोवैक्सीन की 1,200 रुपये की दर से और कोविशील्ड की 600 रुपये की दर से टीके का खुराक लिया है। पिछली शाम तक कोविन पर यही दर दिख रही थी। लेकिन अब सिस्टम संशोधित कीमत दर्शा रहा है। लेकिन हम पुराने स्टॉक को कम कीमत पर कैसे दे सकता है?’ कई लोग यहां कतार में खड़े हैं और वे कीमतों को लेकर खासे नाराज दिखते हैं।
अस्पताल के मालिक डॉ. सुभाष भाटिया आखिरकार हस्तक्षेप करते हैं और घोषणा करते हैं कि वे फिलहाल घाटा सह लेगें और रविवार को जो भी टीके लगवाएंगे उन्हें 386 रुपये की दर से टीके लगाए जाएंगे। भाटिया ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि टीका निर्माताओं ने वादा किया है कि अतिरिक्त खुराक की पेशकश करके कीमतों के अंतर की भरपाई की जाएगी। भाटिया का कहना है, ‘हालांकि किसी व्यक्ति को न्यूनतम 500 शीशियों का ऑर्डर देना होता है। मैं इतना ऑर्डर नहीं दूंगा क्योंकि मांग नहीं है। जनवरी से ही मैंने 500 से भी कम लोगों को बूस्टर टीके दिए हैं क्योंकि ज्यादातर लोग सरकारी केंद्रों पर मुफ्त टीकाकरण के लिए जाते हैं।’ उनके पास अब कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों की 30 से कम शीशियां हैं और उनका कहना है कि वे इसके बाद इस टीके का ऑर्डर देना बंद कर देंगे। वह कहते हैं, ‘नीतियों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। हमारे जैसे छोटे खिलाड़ी के लिए इसको बनाए रखना असंभव है।’ कई शहरों में 18-59 साल के लोगों के लिए भुगतान वाले बूस्टर खुराक की शुरुआत का पहला दिन काफी भ्रम से भरा रहा। उत्तर प्रदेश में बूस्टर टीके की शुरुआत धीमी रहने की वजह यह थी कि 10 अप्रैल को रविवार और रामनवमी के त्योहार के चलते भी टीका केंद्रों में लोगों की भीड़ नहीं दिखी।
फोर्टिस हेल्थकेयर जैसी कई बड़ी अस्पताल शृंखला टीकाकरण से दूर ही रही। अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘हम युवाओं के लिए बूस्टर खुराक की अनुमति दिए जाने का स्वागत करते हैं और आने वाले दिनों में हम लोगों की तादाद बढऩे की उम्मीद करते हैं। अभी तक हमें 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर खुराक देने या टीके को पाने की प्रक्रिया या फिर नई कीमत को लेकर अधिकारियों या टीका निर्माताओं से किसी भी तरह की सूचना नहीं मिली है।’ अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘हमारे पास टीके की जो खुराक है उसे हमने सरकार की पहले स्वीकृत कीमत पर ही खरीदा था। जैसे ही कोई स्पष्टीकरण मिलेगा हम फिर से टीकाकरण बहाल करेंगे और संभवत: सोमवार से ऐसा होगा।’
इसी तरह अहमदाबाद अपोलो हॉस्पिटल और एचसीजी ने रविवार, 10 अप्रैल से टीकाकरण की शुरुआत नहीं की है। कोलकाता के एएमआरआई हॉस्पिटल्स ने 11 अप्रैल सोमवार से बूस्टर टीका देने का फैसला किया है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने तमिलनाडु में कम से कम पांच अस्पतालों से संपर्क किया जिनका कहना था कि वे फिलहाल प्रतीक्षा कर रहे हैं क्योंकि लोगों में इस टीके की मांग कम है जबकि कुछ का कहना था कि 18-59 उम्र वर्ग में बूस्टर टीका देने की शुरुआत सोमवार से हो सकती है। हालांकि कुछ अस्पतालों ने रविवार के लिए पुरानी दरें ही लेने का फैसला किया। कर्नाटक के स्वास्थ्य आयुक्त रणदीप डी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया किनिजी अस्पतालों को कीमतें कम करने के लिए कहने के पहले राज्य सरकार केंद्र से लिखित निर्देश का इंतजार कर रही है।
पूर्वोत्तर भारत के मेडिका ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष आलोक रॉय का कहना है, ‘स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ की गई बातचीत के मुताबिक पुराने स्टॉक (मेडिका में कोविशील्ड की तीन लाख खुराक और कोवैक्सीन की 4,000 खुराक) पुरानी दर के हिसाब से दी जाएगी। हमलोग लाभार्थियों को सूचना दे रहे हैं कि हमने पहले सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से जिस दर पर टीके खरीदे थे उसी दर पर हम शुल्क वसूल रहे हैं।’ मेडिका कोलकाता ने रविवार को कुल 141 खुराक दी। कोलकाता के निजी अस्पतालों की बैठक शनिवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई जहां अस्पतालों ने पुराने स्टॉक और कीमतों के मसले को उठाया। कोलकाता के कुछ अस्पतालों ने सोमवार से नई कीमतें लेने का फैसला किया है।
एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटल्स ऑफ इस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष और एएमआरआई हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ रूपक बरुआ ने कहा कि एएमआरआई 380 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से शुल्क लेगा क्योंकि राज्य सरकार को भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बलबूते आश्वासन दिया है कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड की मौजूदा शीशियों की भरपाई 225 रुपये की नई दर के हिसाब से अतिरिक्त स्टॉक के जरिये की जाएगी। एएमआरआई के पास 8,000 शीशियां हैं जिनमें से 6,500 कोवैक्सीन और 1,500 कोविशील्ड हैं। ये सभी मई में एक्सपायर हो जाएंगी।
गुजरात हॉस्पिटल्स में लोग टीका कंपनियों और सरकार की तरफ से कीमतों पर स्पष्टता बनने के लिए इंतजार कर रहे हैं। एक टीका लगाने वाले व्यक्ति ने बताया, ‘पुराने दरों पर टीके का बड़ा स्टॉक है। हमें इस बात पर स्पष्टता चाहिए कि क्या हम पुरानी दरों पर टीके लगा सकते हैं। इसी वजह से हम लोगों से सोमवार को आने के लिए कह रहे हैं।’ अहमदाबाद में सीआईएमएस हॉस्पिटल्स में मुख्य परिचालन अधिकारी प्रशांत देशमुख ने कहा, ‘सरकार की तरफ से टीके की खुराक में रिटर्न की कोई पॉलिसी नहीं है जिसकी वजह से अस्पताल को मौजूदा स्टॉक खत्म करना होगा।’ अहमदाबाद में स्टर्लिंग हॉस्पिटल्स में वॉक इन और पंजीकरण की संख्या कम ही रही है क्योंकि निजी अस्पतालों में टीका लगाने के लिए हफ्ते में एक दिन ही तय किया जाता है। अस्पतालों को भी लगता है कि कम कीमत होने से ज्यादा लोगों की तादाद यहां दिख सकती है।
तमिलनाडु में सरकार ने पहल करते हुए मीनाक्षी मिशन हॉस्पिटल ऐंड रिसर्च सेंटर (एमएमएचआरसी) में निजी अस्पताल में टीका केंद्र का उद्घाटन किया है। हालांकि अस्पताल ताजा ऑर्डर देने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।
(साथ में वीरेंद्र सिंह रावत)