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वाणिज्यिक रियल्टी में किराये में आएगी कमी

Last Updated- December 15, 2022 | 9:16 AM IST

वाणिज्यिक कार्यालयों के डेवपलरों के यह साल बेहतर रहने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल किराये में कमी आने की संभावना है और नई परियोजनाएं टाली जा रही हैं। डेवलपरों के पिछला साल शानदार रहा था, जब उन्होंने रिकॉर्ड 6 करोड़ वर्गफुट जगह दी थी।
एक ओर जहां इन्फोसिस और टीसीएस जैसी आईटी की दिग्गज कंपनियां भारी संख्या में कर्मचारियों को घर से काम करने पर जोर दे रही हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि कार्यालय स्थल के लिए नई मांग कम रह सकती है। इस मामले में केवल ई-कॉमर्स की कंपनियां और आवश्यक उत्पादों और उसकी आपूर्ति शृंखला में कारोबार करने वाली कंपनियां ही अपवाद हो सकती हैं। हाल के दिनों में एमेजॉन और दूसरे एग्रीगेटरों ने मांग में उछाल आने के कारण हजारों की संख्या में अतिरिक्त कर्मचारियों को नौकरी दी है।  
एफएमसीजी कंपनी केविनकेयर भी अपने ज्यादातर कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहने के बाद अपने मुख्यालयों को पट्टे पर देने जा रही है। आईबीएम इंडिया द्वारा अपने कार्यालय स्थल में तेजी से कमी लाने की खबर है लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया कि कुछ पट्टों की अवधि पूरी हो रही है, वह लगातार इस पर नजर बनाए हुए है कि रियल एस्टेट की जरूरतों ने उसके कर्मचारियों और ग्राहकों की कितनी सेवा की है। 
परिसंपत्ति सलाहकार कंपनी जेएलएल में मुख्य कार्याधिकारी रमेश नायर ने कहा, ‘किरायों में कमी आएगी लेकिन कितना यह समय ही बताएगा।’ 
एक अन्य सलाहकार कंपनी कुशमैन ऐंड वेकफील्ड ने अनुमान जताया है कि महामारी के कारण कंपनियों की ओर से कार्यालय स्थल की मांग कम होने से कार्यालय के किराये में 5 से 10 फीसदी की कमी आएगी।  कुशमैन ऐंड वेकफील्ड के प्रबंधन निदेशक अंशुल जैन ने एक हालिया वेबिनॉर में कहा, ‘कोरोनावायरस बीमारी का भारत के कार्यालय बाजार पर लघु अवधि का असर पड़ेगा जिससे मांग में 45 फीसदी की कमी आएगी।’    रियल एस्टेट परामर्श कंपनी जेननेक्स पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अशोक कुमार कहते हैं, ‘हमने दो ग्राहकों को अपना पट्टा समझौता रद्द करते हुए देखा है और इनमें से कुछ इसका समेकन कर रहे हैं।’   उन्होंने कहा कि अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां कोविड के बाद अपने रियल एस्टेट रणनीति की समीक्षा कर रही हैं। सुरक्षा को देखते हुए बहुत सी सेवाओं की डिलिवरी घर से की जा सकती है जिससे समय की बचत होगी और उत्पादकता बरकरार रहेगी।  इसके अलावा यह खबर है कि बहुत सी तकनीक कंपनियां भी कार्यालय स्थल में कमी लाने पर विचार कर रही हैं।  घर से काम करने के कारण वाणिज्यिक रियल एस्टेट को को भी चोट पहुंचेगी।
रियल एस्टेट सेवा फर्म सिला के संस्थापक साहिल वोरा ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि 15 फीसदी कार्यबल स्थायी तौर पर घर से काम कर सकते हैं।’

First Published - June 22, 2020 | 11:45 PM IST

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