रेलवे की माल ढुलाई की गिरावट में कमी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 11:23 PM IST

वित्त वर्ष 2020-21 की 30 सितंबर को समाप्त पहली छमाही के दौरान भारतीय रेलवे की माल ढुलाई में गिरावट घटकर 9 प्रतिशत रह गई और इस दौरान 5,330 लाख टन ढुलाई हुई।
कोविड-19 महामारी के कारण अप्रैल-जून तिमाही में 2,410 लाख टन माल ढुलाई हुई और इसमें पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 21 प्रतिशत की गिरावट आई थी। बहरहाल माल ढुलाई से कमाई में पहली छमाही के दौरान 17 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 50,168 करोड़ रुपये रहा है। अप्रैल-जून 2020 के दौरान 31 प्रतिशत गिरावट के साथ 22,266 करोड़ रुपये कमाई हुई थी।
सितंबर महीने में रेलवे ने 1,020 लाख टन माल ढुलाई की है, जो सितंबर 19 की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा है। इस महीने में माल ढुलाई से राजस्व 14 प्रतिशत बढ़कर 9,903 करोड़ रुपये हो गया है।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और मुख्य कार्याधिकारी वीके यादव ने कहा, ‘हमने मालगाडिय़ों में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें गैर शुल्क और शुल्क संबंधी कदम शामिल हैं।  कुछ जिंसोंं पर हम छूट दे रहे हैं, जिसकी वजह से माल ढुलाई की मात्रा बढ़ी है।’ उन्होंने कहा कि इन कदमों की वजह से प्रति टन किलोमीटर राजस्व में कमी आई है, लेकिन ढुलाई की मात्रा बढ़ी है।  यादव ने कहा कि रेलवे नैशनल रेल प्लान 2030 पर काम कर रहा है, जिसमें 2024 तक रेलवे की कुल ढुलाई बढ़कर 20,240 लाख टन और 2020 तक 32,000 लाख टन हो जाएगी। इसमें से कोयले की हिस्सेदारी 1,400 टन रहने की उम्मीद है।
जिंसों में सिर्फ 2 जिंसों खाद्यान्न व रासायनिक उर्वरकों की ढुलाई में वित्त वर्ष 21 की पहली छमाही में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खाद्यान्न की ढुलाई जहां 87 प्रतिशत बढ़ी है, वहीं रासायनिक उर्वरक की ढुलाई में 9 प्रतिशत बढ़ी है।
बहरहाल कोयले की ढुलाई में 18 प्रतिशत गिरावट आई है।  अप्रैल सितंबर 2020 के दौरान रेलवे ने 2,343.1 लाख टन ढुलाई की है, जबकि अप्रैल-सितंबर 2019 के दौरान 2,852.2 लाख टन ढुलाई की थी।  रेलवे की माल ढुलाई में कोटले की मात्रा के हिसाब से 44 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि माल ढुलाई से आने वाले राजस्व में 41 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस अवधि के दौरान कोयले से राजस्व 32 प्रतिशत गिरा है। रेलवे को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में कोयले की लदान पिछले साल के बराबर के स्तर पर बना रहेगा और चौथी तिमाही में इसमें बढ़ोतरी होगी।
इस दौरान सीमेंट और क्लिंकर की ढुलाई 11 प्रतिशत, खनिज व अयस्क की ढुलाई 10 प्रतिशत, लोहा और स्टील की ढुलाई 4 प्रतिशत कम हुई है। पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई 13 प्रतिशत और कंटेनर की ढुलाई करीब 11 प्रतिशत कम हुई है।  
पिछले 3 महीने में माल ढुलाई की अवधि कम हुई है। मालगाडिय़ों की औसत रफ्तार 23 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 41 किलोमीटर प्रति घंटे हो गई है।

First Published : October 1, 2020 | 11:27 PM IST