अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने आज कहा कि अक्षय ऊर्जा में तेजी की वजह से बिजली की लागत में गिरावट जारी रहेगी और भारत अक्षय ऊर्जा का सबसे कम खर्चीला उत्पादक बनकर उभरेगा। टीआईई ग्लोबल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अदाणी ने कहा कि कई व्यापक आर्थिक कारक भारत के पक्ष में हैं और इस समय कड़े सुधार हो रहे हैं, ऐसे में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से और स्थिरता से बढ़ेगी।
अदाणी ने कहा, ‘आज वैश्विक जीडीपी 85 लाख करोड़ डॉलर है, जिसमें से भारत का जीडीपी 2.8 लाख करोड़ डॉलर की है। 2050 में वैश्विक जीडीपी 170 से 180 लाख करोड़ डॉलर होने की संभावना है और तब भारत के जीडीपी का आकार करीब 28 लाख करोड़ डॉलर होगा, जिसकी वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगी।’
उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी तरह से उम्मीद करता हूं कि इसके लिए तमाम ढांचागत सुधारों की जरूरत है, जो इस समय हो रहा है और इससे हमारी राष्ट्रीय वृद्धि में तेजी आएगी।’
अक्षय ऊर्जा का उत्पादन बढऩे से सभी ग्राहकों के लिए बिजली के दाम कम होने के बारे में उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा का स्रोत मुफ्त है, ऐसे में इस बात की कोई सीमा नहीं है कि एक बिजली उत्पादक एक वर्ग इंच सिलिकॉन से कितने इलेक्ट्रॉन निकालने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा, ‘सौर और पवन ऊर्जा को मिलाकर ऐसा होगा और भंडारण में भी बहुत बदलाव होने हैं, जिसके साथ डिजिटलीकरण भी जुड़ेगा।’
अदाणी ने कहा कि ऊर्जा की तरह डिजिटलाइजेशन आधारित भंडारण की
लागत, प्रॉसेसिंग व नेटवर्किंग के खर्च में भी गिरावट आएगी।
डेटा की कीमतों में 95 प्रतिशत की भारी गिरावट का उदाहरण देते हुए अदाणी ने कहा कि इसकी वजह से डेटा की खपत पिछले 5 साल में 56 गुना बढ़ी है।
उन्होंने कहा, ‘इस तरह से अलग होने पर हानिकारक होने के बावजूद जब अक्षय ऊर्जा और सूचना तकनीक को मिलाते हैं तो इसके परिणाम आश्चर्यजनक हैं। ऐसे में मैं उम्मीद करता हूं कि महंगी हरित ऊर्जा जब डिजिटल तकनीक से जुड़ेगी, जिसमें सेंसर और इंटरनेट आफ थिंग्स, कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग, 5जी और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल है, तो यह आर्थिक हिसाब से बेहतर होगी।’ उन्होंने कहा कि इससे माइक्रो फार्मिंग, माइक्रो वाटर, माइक्रो हेल्थकेयर, माइक्रो हाउसिंग, माइक्रो एजुकेशन, माइक्रो मैन्युफैक्चरिंग को मदद मिलेगी और इससे शहरी और ग्रामीण दोनों ही इलाकों में अक्षय ऊर्जा व तकनीक के मिलने का लाभ होगा।
कोविड-19 के बारे में अदाणी ने कहा कि महामारी की वजह से दुनिया भर में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, जिससे देश को दीर्घावधि के हिसाब से मदद मिलेगी।