हैदराबाद की टीका विनिर्माता कंपनी भारत बॉयोटेक 1 मई से भारत के 14 राज्यों को कोविड-19 के टीके कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है।
कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा इल्ला ने ट्वीट कर कहा कि भारत बायोटेक आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल को कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है।
इल्ला ने ट्वीट में कहा, ‘यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत बॉयोटेक केंद्र सरकार के आवंटन के आधार पर 1 मई, 2021 से निम्नलिखित राज्य सरकारों को सीधे कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है। अन्य राज्यों से भी अनुरोध प्राप्त हुए हैं और स्टॉक की उपलब्धता के मुताबिक 24 घंटे आपूर्ति करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।’
कंपनी को अब अन्य राज्य सरकारों से भी अनुरोध मिल रहे हैं और उपलब्धता के आधार पर वितरण के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भारत बॉयोटेक ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अपने टीके की कीमत में कमी की घोषणा करते हुए राज्यों को 400 रुपये प्रति खुराक कोवैक्सीन देने को कहा था। इसके पहले 600 रुपये प्रति खुराक कीमत की घोषणा की गई थी। केंद्र सरकार ने कोविड टीकाकरण अभियान के विस्तार की घोषणा करते हुए 18 साल से ऊपर हर व्यक्ति को टीका देने को कहा था। केंद्र सरकार 45 साल की उम्र के ऊपर के लोगों के लिए टीके की खरीद और उनका मुफ्त वितरण जारी रखेगी। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकारें टीका विनिर्माताओं से सीधे टीके की खरीद करेंगी और अपनी योजना के मुताबिक 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण करेंगी। अब निजी क्षेत्र के अस्पतालों को भी टीका विनिर्माताओं से सीधे टीका खरीदने की अनुमति दे दी गई है।
सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बॉयोटेक दोनों ने राज्य सरकारों के लिए और निजी अस्पतालों के लिए टीके के दाम तय किए हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ने राज्य सरकारों के लिए प्रति खुराक टीके का दाम 300 रुपये रखा है।
सीरम इंस्टीट्यूट ने यह ब्योरा नहीं दिया है कि वह किन राज्यों को टीके की सीधे आपूर्ति कर रही है।
बायोवेट को न्यायालय से अनुमति मिली
बंबई उच्च न्यायालय ने भारत बॉयोटेक से जुड़ी कंपनी बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड को पूरी तरह से परिचालन वाले और रेडी-टू-यूज टीका विनिर्माण संयंत्र का कब्जा लेने की अनुमति दे दी है। 12 हेक्टेयर जमीन पर यह संयंत्र पुणे में है, जहां कोवैक्सीन का उत्पादन होगा। दो न्यायधीशों के पीठ ने कर्नाटक की बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर आवेदन की सुनवाई की, जिसमे महाराष्ट्र सरकार को पुणे के मंजरी खुर्द गांव में स्थित संयंत्र का कब्जा कंपनी को देने के लिए अनुरोध किया गया था। इस इकाई का इस्तेमाल मर्क ऐंड कंपनी की बहुराष्ट्रीय सहायक इकाई इंटरवेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड करती थी। इंटरवेट भारत में कारोबार खत्म कर रही है और उसने जमीन और संयंत्र का हस्तांतरण बायोवेट को करने के लिए समझौता किया था। एजेंसियां