दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जुटाएगी 48,464 करोड़ रुपये

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:57 AM IST

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए बनी विशेष उद्देश्य इकाई (एसपीवी) डीएमई डेलवपर्स लिमिटेड (डीएमईएल) कर्ज के माध्यम से 48,464 करोड़ रुपये जुटाएगी। एनएचएआई इसमें 5,385 करोड़ रुपये इक्विटी डालेगी जिससे कर्ज इक्विटी अनुपात 9:1 का रहेगा।
एनएचएआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि परियोजना में डीएमईएल की भूमिका कर्ज जुटाने और उसके भुगतान तक सीमित रहेगी। एनएचएआई कर्जदाताओं को लेटर आफ कंफर्ट दे रही है। कंसेसन समझौता, इसे लागू करने का समझौता, लेटर आफ कंफर्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है। क्रिसिल, केयर रेटिंग और इंडिया रेटिंग से एसपीवी को एएए रेटिंग मिली है।  एनएचएआई डीएमईएल को एन्युटी भुगतान करेगा, जिसके लिए कर्ज के समय से भुगतान और अन्य मामलों के ढांचा तैयार किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनएचएआई अन्य उच्च मूल्य के हाइवे/एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भी इस तरह की एसपीवी बनाएगा। इसमें कहा गया है, ‘इससे राष्ट्रीय महत्त्व की अन्य बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम करने के लिए एनएचएआई की क्षमता बढ़ेगी। इस एसपीवी के माध्यम से एनएचएआई ने अपने संसाधन के आधार के विविधीकरण और विशेष रूप से सतत वित्त जुटाने की योजना बनाई है।’
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ‘भारतमाला परियोजना’ के तहत प्रमुख नई परियोजना है। यह परियोजना 48 उप परियोजनाओं के तहत लागू की जा रही है, जिनमें 17 हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की परियोजनाएं (वडोदरा-मुंबई सेग्मेंट) और 31 ईपीसी मॉडल (दिल्ली-वडोदरा सेग्मेंट) के तहत हैं। इन 48 उप परियोजनाओं में 27 निर्माणाधीन हैं, 17 का आवंटन हो चुका है और उन पर काम शुरू होना है और शेष परियोजनाओं के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
इस परियोजना को मार्च 2023 में पूरा किए जाने का लक्ष्य है, जिसका एक खंड जेएनपीटी तक जाने वाला सितंबर 2023 पूरा हो जाएगा। नई परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 87,500 करोड़ रुपये है, जिसमें 20,600 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण लागत शामिल है। भूमि अधिग्रहण के अलावा निर्माण की अवधि के दौरान अन्य चीजों पर करीब 53,849 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

First Published : March 16, 2021 | 11:42 PM IST