facebookmetapixel
Corporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरीX पर लेख लिखिए और जीतिए 1 मिलियन डॉलर! मस्क ने किया मेगा इनाम का ऐलान, जानें पूरी डिटेलChatGPT में अब आएंगे Ads, अमेरिका के यूजर्स के लिए ट्रायल शुरूलक्ष्मी मित्तल के पिता मोहन लाल मित्तल का निधन, उद्योग और समाज में गहरा शोकHDFC Bank Q3 Results: नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पर पहुंचा, NII ₹32,600 करोड़ के पारहर 40 शेयर पर मिलेंगे 5 अतिरिक्त शेयर! IT और कंसल्टिंग कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सYES Bank की कमाई में जबरदस्त उछाल, Q3 में मुनाफा 55% बढ़ा

अब नहीं चलेगी ट्रंप की मनमानी? कोर्ट ने आयात टैक्स पर लगा दी रोक!

अमेरिका की अदालत ने कहा कि ट्रंप आपातकालीन कानून के तहत आयात पर भारी टैक्स नहीं लगा सकते, फैसले से वैश्विक व्यापार और राजनीति में हलचल।

Last Updated- May 29, 2025 | 9:26 AM IST
Donald Trump

अमेरिका के एक फेडरल कोर्ट ने बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) राष्ट्रपति Donald Trump को ‘आपातकालीन शक्तियों’ के कानून का हवाला देते हुए आयात पर बड़े टैरिफ लगाने से रोक दिया। यह फैसला न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय की तीन जजों की समिति ने दिया है। ट्रंप की ये टैरिफ लगाने की योजना अदालत के इस फैसले के बाद थम गई है। ट्रंप का कहना था कि इन टैरिफ से अमेरिकी फैक्ट्रियों को वापस लाने में मदद मिलेगी और इससे फेडरल बजट घाटे को कम करने के लिए जरूरी राजस्व भी मिलेगा। लेकिन कई मुकदमे दायर किए गए हैं जिनमें यह आरोप लगाया गया है कि ट्रंप ने अपने अधिकारों का दायरा पार कर दिया है।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने ये टैरिफ दूसरे देशों को अमेरिका के साथ बेहतर समझौते करने के लिए दबाव बनाने के तौर पर लगाए थे। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, “व्यापार घाटा एक राष्ट्रीय आपातकाल है जिसने अमेरिकी समुदायों को बर्बाद किया है और हमारी डिफेंस इंडस्ट्री को कमजोर किया है।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

क्या ट्रंप टैरिफ फिलहाल जारी रख पाएंगे?

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि व्हाइट हाउस इस फैसले के जवाब में सभी आपातकालीन टैरिफ को रोक पाएगा या नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप अस्थायी तौर पर उन देशों पर 15 प्रतिशत आयात कर लगा सकते हैं जिनके साथ अमेरिका का बड़ा व्यापार घाटा है, जो 150 दिनों तक लागू रह सकता है।

ट्रंप के खिलाफ कुल सात मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें से यह मामला अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में सुनवाई के लिए पेश किया गया था। इस मामले की सुनवाई तीन जजों – टिमोथी रिफ (ट्रंप द्वारा नियुक्त), जेन रेस्टानी (रॉनाल्ड रीगन द्वारा नियुक्त), और गैरी कैट्ज़मैन (बराक ओबामा द्वारा नियुक्त) ने की।

वादियों का तर्क है कि आपातकालीन शक्तियों के कानून में टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं है। साथ ही वे कहते हैं कि व्यापार घाटा कोई आपातकालीन स्थिति नहीं क्योंकि अमेरिका लगातार 49 सालों से व्यापार घाटे में है।

ट्रंप के टैरिफ ने वैश्विक बाजार हिला दिए

2 अप्रैल को ट्रंप ने 100 से अधिक देशों से आने वाले सामानों पर बड़े टैरिफ लगाए थे, जिनमें भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल थे। इस फैसले ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया और कई अर्थशास्त्रियों ने अमेरिकी आर्थिक विकास की उम्मीदों को कम कर दिया। ट्रंप का कहना था कि ये टैरिफ अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे व्यापार घाटे को खत्म करने के लिए जरूरी हैं, जिन्हें वे ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ मानते हैं।

(एपी की रिपोर्ट के साथ)

First Published - May 29, 2025 | 9:25 AM IST

संबंधित पोस्ट