facebookmetapixel
Advertisement
भारत की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी में बड़ी छलांग, एक साल में दोगुनी बढ़कर 47 लाख मेगावॉट हुईगिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की तैयारी, कंपनियों में अनुपालन को लेकर असमंजसDelhi Metro Updates: सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, चेक करें डीटेलरुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI ने मई में बेचे 6 अरब डॉलर, सामने आए ताजा आंकड़ेविदेश भेजे गए पैसे में बढ़ोतरी, लेकिन पढ़ाई और घूमने पर खर्च घटा! RBI रिपोर्ट ने दिखाया नया ट्रेंडमहिलाओं के लिए नौकरी ढूंढना हुआ और मुश्किल! ग्रामीण बेरोजगारी एक साल के रिकॉर्ड स्तर पर, सामने आई बड़ी वजहविदेशों से आने वाला पैसा क्यों हुआ कम? NRI Deposits में 29.25% की गिरावट, RBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासाभारत का EV बाजार किसके हाथ में जाएगा? TVS या Bajaj… Q1 नतीजों और 5 ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ने क्या दिए संकेतApple की एंट्री से बदलेगा Foldable Phone का खेल! 2026 में भारत में 6.5 लाख यूनिट्स का बड़ा रिकॉर्ड बनने की उम्मीदOpening Bell: सेंसेक्स 300 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला; FMCG शेयरों ने दिखाई मजबूती

राष्ट्रीय एयरलाइन कंपनी का निजीकरण करेगा श्रीलंका

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 4:11 PM IST

श्रीलंका देश की घाटे में चल रही राष्ट्रीय विमानन कंपनी का निजीकरण करेगा। द्वीपीय राष्ट्र ने सोमवार कहा कि नकदी की कमी से जूझ रही सरकार एयरलाइन के संचालन में अब पैसा नहीं लगा सकती।
श्रीलंका के नागर विमानन मंत्री निमल सिरिपाला डी सिल्वा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार श्रीलंकन एयरलाइंस की खानपान और ग्राउंड-हैंडलिंग इकाइयों में से प्रत्येक में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की सोच रही है, जबकि 51 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास रखेगी। उन्होंने कहा कि यह पुनर्गठन आवश्यक है क्योंकि सरकार अब एयरलाइन चलाने में पैसा लगाने का जोखिम नहीं उठा सकती है।
डी सिल्वा ने कहा कि सरकार एयरलाइन को अपना परिचालन चलाने के लिए सालाना 80 अरब डॉलर से 200 अरब डॉलर के बीच मुहैया कराती रही है। मंत्री ने कहा कि खानपान परिचालन से प्राप्त राजस्व का उपयोग आठ करोड़ डॉलर के कर्ज का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है, जो इसके शेयरों के साथ ही कुछ अन्य ऋणों को गिरवी रखकर लिया गया था। उन्होंने कहा कि एयरलाइन का कर्ज वर्तमान में 1.22 अरब डॉलर है।
1979 में एयर लंका के रूप में गठित एयरलाइन को 1998 में अमीरात के प्रबंधन नियंत्रण के तहत श्रीलंकन एयरलाइंस का नाम दिया गया था। 2007 में, सरकार ने अमीरात से इसका नियंत्रण वापस ले लिया।

Advertisement
First Published - August 29, 2022 | 9:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement