facebookmetapixel
Dividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरलघर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं? RBI की दर कटौती के बाद जानें कहां किस रेट पर होम लोन मिल रहा हैदिल्ली में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई ठंडGDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकताVisa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभबिकवाली और आयातकों की मांग से रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 पर, एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनीIndusInd Bank Q3 Results: मुनाफे पर पड़ा भारी असर, लाभ 91% घटकर ₹128 करोड़ पर पहुंचा

PM Modi France visit: यूक्रेन संकट, हिंद-प्रशांत में चीनी की गतिविधियां मोदी-मैक्रां वार्ता में मुख्य बिंदु रही

फ्रांस जी-20 की भारत की अध्यक्षता सफल बनाने के लिए भारत को मदद कर रहे हैं।

Last Updated- July 18, 2023 | 11:33 PM IST
French President Emmanuel Macron and India's Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां के बीच पिछले सप्ताह हुई वार्ता में यूक्रेन संकट तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की गतिविधियां महत्वपूर्ण बिंदु रहे तथा इन दोनों मुद्दों पर दोनों पक्षों के समान विचार रहे। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

राष्ट्रीय राजधानी में आगामी जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर सूत्रों ने बताया कि फ्रांस और इसके पश्चिमी घटक देशों का मानना है कि जी-20 की बाली में हुई शिखर बैठक के बाद से यूक्रेन में कोई सुधार नहीं हुआ है और वे पिछले वर्ष के संयुक्त घोषणा-पत्र में यूक्रेन संकट को लेकर किये गये वायदे से कम पर कोई समझौता भी नहीं करेंगे।

जी-20 के अध्यक्ष के तौर पर भारत अपनी राष्ट्रीय राजधानी में सितम्बर में होने वाले शिखर सम्मेलन के संयुक्त घोषणा-पत्र में यूक्रेन संकट को लेकर आम सहमति बनाने का प्रयास कर रहा है। यूक्रेन संकट से संबंधित विषय-वस्तु को लेकर पश्चिमी देशों और रूस-चीन के गठजोड़ के बीच गहरे मतभेद रहे हैं। यूक्रेन संकट से संबंधित मसौदा विज्ञप्ति की विषय-वस्तु में दो पैरा जी-20 के बाली घोषणा-पत्र से लिया गया है।

रूस और चीन ने पहले यूक्रेन संकट को लेकर बाली घोषणा पत्र के दो पैरा पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन इस साल वे इससे पीछे हट गये हैं, जिससे इस जटिल मुद्दे पर आम सहमति बना पाने में भारत को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उधर, सूत्रों का कहना है कि फ्रांस और इसके सहयोगी देश बाली घोषणा-पत्र में बनी सहमति से कम से समझौता नहीं करेंगे। हालांकि फ्रांस जी-20 की भारत की अध्यक्षता सफल बनाने के लिए भारत को मदद कर रहे हैं।

First Published - July 18, 2023 | 11:33 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट