facebookmetapixel
Advertisement
इंडिगो को पहली तिमाही में ₹237.6 करोड़ का घाटा, ईंधन खर्च 86% बढ़ने से बढ़ा दबावआशीष कुमार दास होंगे Infosys के नए CEO और MD, अगले साल 1 अप्रैल से संभालेंगे पद भारCrudeChem डील से बदलेगी Fineotex की तस्वीर? Choice ने BUY रेटिंग के साथ ₹51 दिया टारगेटइंफोसिस Q1 नतीजे: मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़; राजस्व में 14% इजाफामाल ढुलाई पर रेलवे का बड़ा प्लान, 10 साल 40% हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारीIPO के बाद अब SBI Funds लाएगा पहला टेक-फोकस्ड AIF, 20 करोड़ डॉलर के फंड की तैयारीWazirX की वापसी: 95% पुराने यूजर्स लौटे, फ्यूचर्स ट्रेडिंग में 300% उछाल52 वीक हाई पर पहुंचे बजाज ऑटो और टीवीएस के शेयर, हीरो-आयशर में भी तेजीCGHS Pensioner Card: रिटायरमेंट हुआ आसान! भविष्य पोर्टल से तुरंत बनेगा CGHS कार्डEPS Pension Hike: पेंशन बढ़कर 7,500 रुपये होगी या नहीं? सरकार ने लाखों EPFO सदस्यों को दिया साफ जवाब

संबंधों को और गहरा करना है: मोदी

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 7:01 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत और नेपाल के संबंध ‘अद्वितीय’ हैं। उन्होंने यह टिप्पणी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पड़ोसी देश की अपनी यात्रा से एक दिन पहले की। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में जारी बयान में कहा कि पिछले महीने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की भारत यात्रा के दौरान हुई ‘लाभप्रद’ चर्चा के बाद दोबारा उनसे मिलने को लेकर उत्सुक हूं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष जलविद्युत, विकास और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने को लेकर बनी समझ को आगे बढ़ाएंगे।
मोदी ने नेपाल यात्रा से पहले जारी बयान में कहा, ‘हमारे नेपाल के साथ संबंध अद्वितीय हैं। भारत और नेपाल के बीच सभ्यतागत और लोगों से लोगों के संबंध हमारे करीबी रिश्तों की स्थायी इमारत पर खड़े हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी इस यात्रा का उद्देश्य समय की कसौटी पर खरे उतरे इन संबंधों को और मजबूत करना है, जिन्हें सदियों से पोषित किया गया है और ये हमारे आपसी मेलजोल के लंबे इतिहास में दर्ज हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को एक दिवसीय यात्रा पर भगवान बुद्ध के जन्मस्थान लुम्बिनी जाएंगे। वर्ष 2014 में पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री की यह पांचवी नेपाल यात्रा है। मोदी ने कहा, ‘मैं बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मायादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने को लेकर उत्सुक हूं। भगवान बुद्ध के पवित्र जन्मस्थान पर श्रद्धा प्रकट करने वाले लाखों भारतीयों का अनुकरण कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’
मोदी और देउबा लुम्बिनी में बातचीत करेंगे, जिसके केंद्र में जल विद्युत और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना होगा। मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री देउबा की पिछले महीने की गई भारत यात्रा के दौरान हुई लाभप्रद चर्चा के बाद दोबारा बैठक को लेकर उत्सुक हूं।’ उन्होंने कहा, ‘हम जल विद्युत, विकास और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की साझा समझ को आगे बढ़ाएंगे।’ प्रधानमंत्री लुम्बिनी में बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र के निर्माण की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मोदी ने कहा, ‘पवित्र मायादेवी मंदिर में दर्शन करने के अलावा, मैं लुम्बिनी के मठक्षेत्र में बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए इंडिया इंटरनैशनल सेंटर के शिलान्यास समारोह में भी शामिल होउंगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वह नेपाल सरकार द्वारा महात्मा बुद्ध की जयंती से संबंधित समारोह में भी शिरकत करेंगे। उल्लेखनीय है कि लुम्बिनी दक्षिण नेपाल की तराई में स्थित है और महात्मा बुद्ध का जन्म स्थान होने की वजह से बौद्धधर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है।
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने शुक्रवार को बताया था कि मोदी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत एजेंडे पर देउबा से वार्ता करेंगे।    

Advertisement
First Published - May 16, 2022 | 12:15 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement