facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे, पीएम मोदी को दिया व्हाइट हाउस आने का न्योताCorporate Actions Next Week: डिविडेंड-स्प्लिट-बोनस की होगी बारिश, निवेशकों की चमकेगी किस्मतBonus Stocks: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की लगेगी लॉटरी, फ्री में मिलेंगे शेयरअगले हफ्ते TCS, ITC और बजाज ऑटो समेत 23 कंपनियां बाटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹150 तक कमाई का मौकाUpcoming Stock Split: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां बांटने जा रही हैं अपने शेयर, छोटे निवेशकों को होगा फायदाईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, रिपोर्ट में दावा: वार्ता विफल होने से नाखुश, बेटे की शादी में भी नहीं जाएंगेओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी विभागों में अब सिर्फ EV की होगी खरीद, 1 जून से नया नियम लागूPower Sector में धमाका: भारत में बिछेगी दुनिया की सबसे ताकतवर 1150 KV की बिजली लाइन, चीन छूटेगा पीछेकच्चे तेल की महंगाई से बिगड़ी इंडियन ऑयल की सेहत, कंपनी पर नकदी पर मंडराया संकटApple का नया दांव: भारत को बना रहा एयरपॉड्स का नया हब, चीन और वियतनाम की हिस्सेदारी घटी

ग्लोबल GDP में 8-10 फीसदी घाटा संभव

Advertisement

दुनिया में मंदी के हालात के बीच भी लगातार तीन साल से भारत सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

Last Updated- August 25, 2023 | 11:19 PM IST
Indian economic growth

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के अध्यक्ष बोर्ज ब्रेंडा ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक वैल्यू चेन (जीवीसी) से वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के पूरी तरह अलग होने से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8-10 प्रतिशत की कमी आएगी। उन्होंने कहा, ‘मंदी के सबसे खराब दौर में जैसी परिस्थितियां बनीं यह उससे कहीं अधिक बुरी स्थिति है। काफी कुछ दांव पर लगा है और भारत को अपनी जी20 अध्यक्षता की इस अवधि में यह देखना चाहिए कि वैश्विक वैल्यू चेन को कैसे सुरक्षित किया जाए जो भविष्य की वृद्धि का एक प्रमुख इंजन हैं।’ नई दिल्ली में बी20 शिखर सम्मेलन में वह ‘वैश्विक व्यापार और निवेश के लिए समावेशी जीवीसी’ से जुड़े एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।

ब्रेंडा ने कहा कि भविष्य में समृद्धि और गरीबी उन्मूलन वास्तव में मुक्त व्यापार और मजबूत जीवीसी पर आधारित होगा जो सबके लिए उपलब्ध होने के साथ ही जलवायु परिवर्तन के हिसाब से समायोजन कर सके। उन्होंने कहा, ‘भारत में काफी आशावादी माहौल है जो जी-20 की भारत की अध्यक्षता का आधार भी है। दुनिया में मंदी के हालात के बीच भी लगातार तीन साल से भारत सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। कुछ वर्षों में भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और भारत के लिए सुधारों को जारी रखना, बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण करना, शिक्षा में निवेश करना महत्त्वपूर्ण है।’

Also read: B20 Summit: वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा-आर्थिक वृद्धि के लिए महंगाई पर काबू जरूरी

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सुल्तान अहमद बिन सुलायम ने कहा कि अगर भारत को निर्यात करने वाला देश बनना है तो कानूनों में बदलाव करना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अधिक उदार होना होगा और लोगों को निर्यात करने तथा निर्यात में तेजी लाने की अनुमति देनी होगी और इसके साथ ही कई प्रतिबंधों और सीमा शुल्कों को हटाना होगा।

उन्होंने कहा, ‘सीमा शुल्क विभाग आज महत्त्वपूर्ण है और इनमें सुधार की जरूरत है। प्रक्रियाओं का डिजिलटीकरण करने की जरूरत है। यदि सीमा शुल्क विभाग, अन्य देशों के सीमा शुल्क विभागों के साथ समन्वय कर सकता है तो यह मुक्त व्यापार से भी बेहतर होगा।’

फेडेक्स, अमेरिका के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी राज सुब्रमण्यम ने कहा कि वैश्विक वैल्यू चेन को कुशल तरीके से समर्थन मिलना चाहिए नहीं तो इससे लागत बढ़ सकती है और यह प्रौद्योगिकी की मदद से और आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाकर किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता काफी सूक्ष्म और जटिल है। भारत में वैश्विक विनिर्माण बढ़ाने के अवसर हैं और बड़े पैमाने पर उत्पादन के फायदे के रूप में लॉजिस्टिक्स की लागत और कम हो सकती है।’

Advertisement
First Published - August 25, 2023 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement