facebookmetapixel
सोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारी

UP: गोरखपुर बना रहा निवेश की सबसे पसंदीदा जगह, कभी होता था पिछड़ा

इस साल गोरखपुर में एपीएल अपोलो ट्यूब्स ने 320 करोड़ रूपये, ग्रीनटेक भारत ने 220 करोड़ रूपये तो वेराधार ओक एंड स्पिरिट्य ने 80 करोड़ रूपये के निवेश की शुरूआत की है।

Last Updated- November 27, 2024 | 6:18 PM IST
Warehousing

वैश्विक निवेशक सम्मेलन (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद औद्योगिक रूप से पिछड़े पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर उद्योग लग रहे हैं। बीते पांच सालों में ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी का अपना चुनाव क्षेत्र गोरखपुर बड़े निवेश स्थल के तौर पर उभर कर सामने आया है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में ही इस साल पांच बड़े उद्यमियों ने 734 करोड़ रूपये का निवेश कर डाला है।

गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अनुज मलिक के मुताबिक इस साल गोरखपुर में एपीएल अपोलो ट्यूब्स ने 320 करोड़ रूपये, ग्रीनटेक भारत ने 220 करोड़ रूपये तो वेराधार ओक एंड स्पिरिट्य ने 80 करोड़ रूपये के निवेश की शुरूआत की है। इसके अलावा एसेन कूलर्स ने 62 करोड़ तो वीआऱएस फूड्स ने 52 करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने के लिए जमीन आवंटित करायी है।

बीते पांच सालों में 297 एकड़ क्षेत्रफल के भूखंडों का आवंटन

उन्होंने बताया कि गीडा में बीते पांच सालों में 297 एकड़ क्षेत्रफल के भूखंडों का आवंटन हुआ है। इसी शनिवार को गीडा के स्थापना दिवस पर 67 एकड़ के 85 नए भूखंडों का आवंटन होगा जिससे 1068 करोड़ रुपये का निवेश आएगा।

औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहनाहै कि कानून व्यवस्था के संकट के चलते जिस गीडा क्षेत्र में निवेश करने से निवेशक कतराते थे, वहां उद्योगों की कतार खड़ी होने लगी है। बीते पांच सालों में गीडा द्वारा 297 एकड़ क्षेत्रफल में 333 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन इसका प्रमाण है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उद्योगों के मनमाफिक नीतियों के चलते गीडा भी निवेश के लिए लिए बेहतरीन गंतव्य बन गया है।

गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी बताती हैं कि गीडा के विभिन्न सेक्टरों में विगत पांच सालों से 297 एकड़ क्षेत्रफल में 333 भूखंड आवंटित किए गए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 67 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवंटित 85 भूखंडों का आवंटन प्रमाण पत्र गीडा के स्थापना दिवस समारोह में 30 नवंबर को वितरित किया जाएगा। इससे 1068 करोड़ रुपये का निवेश आने और करीब 4658 लोगों के लिए रोजगार सृजन की संभावना है।

पेप्सिको, अंकुर उद्योग और MNC कंपनियां कर रही निवेश

उन्होंने बताया कि बीते कुछ सालों में मुख्यमंत्री योगी के हाथों जिन उद्योगों के लोकार्पण व शिलान्यास गीडा में किया गया है उनमें 550 करोड़ रुपये के निवेश वाले अंकुर उद्योग के सरिया प्लांट, 1100 करोड़ रुपये के निवेश वाली पेप्सिको जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनिट और 118 करोड़ रुपये के निवेश वाली ज्ञान डेयरी की यूनिट का लोकार्पण प्रमुख है।

इसके अलावा जल जीवन मिशन में आपूर्ति करने वाली तत्वा प्लास्टिक की 110 करोड़ रुपये निवेश वाली पाइप फैक्ट्री का लोकार्पण और 1200 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली केयान डिस्टलरी के एथेनॉल व डिस्टलरी प्लांट का शिलान्यास भी किया गया है।

First Published - November 27, 2024 | 6:18 PM IST

संबंधित पोस्ट