facebookmetapixel
Advertisement
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेडभारत का R&D खर्च बढ़ा, लेकिन GDP के मुकाबले हिस्सेदारी सिर्फ 0.84%; चीन और ब्राजील से पीछेइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 7 महीनों में 10 लाख से ज्यादा EV बिके; TVS सबसे आगेPM मोदी की पोस्ट ब्लॉक होने पर बढ़ा विवाद, मेटा की ग्लोबल टीम से एल्गोरिदम पर होगी सख्त पूछताछकैबिनेट के बड़े फैसले: ‘पीएम सूर्य सरोवर’ योजना मंजूर, पीएम-किसान और खेलो इंडिया को 5 साल का विस्तारसरकार ने ‘समुद्र मंथन’ योजना को दी हरी झंडी, गहरे सागर में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,084 करोड़ मंजूरIMD के अलर्ट से बढ़ी चिंता, मॉनसून के दूसरे चरण और अगस्त महीने में सामान्य से कम होगी बारिशबजाज फिनसर्व के Q1 नतीजे मजबूत, मुनाफा बढ़कर ₹6,297 करोड़ पहुंचा, एयूएम में भी बढ़ोतरीओडिशा में 5,600 मेगावॉट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र लगाएगा अदाणी समूह, ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव

ई-बसों के लिए भुगतान सुरक्षा प्रणाली तैयार करने की योजना

Advertisement

भुगतान सुरक्षा प्रणाली, बस निर्माताओं को आश्वस्ति देने में भी मदद करेगी जो ई-बस निविदाओं के लिए बोली लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।

Last Updated- June 23, 2023 | 10:27 PM IST
Plan to set up payment security system for e-buses

अमेरिका और भारत ने एक भुगतान सुरक्षा प्रणाली तैयार करने की योजना की घोषणा की है जिसके जरिये भारत में ही बनी 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को देश की सड़कों पर उतारने की सुविधा मिलेगी।

यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा के दौरान की गई। इसके जरिये ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की भारत की कोशिशों को बढ़ावा मिलेगा।

व्हाइट हाउस ने गुरुवार देर रात जारी एक संयुक्त बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति बाइडन और प्रधानमंत्री मोदी ने परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त रखने के महत्त्व पर जोर देते हुए उत्सर्जनरहित वाहनों की तैनाती में तेजी लाने के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सार्वजनिक और निजी फंडिंग को बढ़ावा देने के वास्ते निरंतर सहयोग की बात की है। इसके साथ ही स्थायी विमानन ईंधन सहित जैव ईंधन के विकास पर भी जोर दिया गया।’

इसके लिए, इस साल जुलाई में वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की शुरुआत होगी जिसमें अमेरिका एक संस्थापक सदस्य होगा। भुगतान सुरक्षा प्रणाली, बस निर्माताओं को आश्वस्ति देने में भी मदद करेगी जो ई-बस निविदाओं के लिए बोली लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।

भुगतान सुरक्षा तंत्र के निर्माण से भारत को अपने परिवहन क्षेत्र को कार्बनरहित करने और वर्ष 2030 तक 40 प्रतिशत ई-बस का संचालन करने में मदद मिलेगी।

Advertisement
First Published - June 23, 2023 | 10:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement