facebookmetapixel
67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

दस साल में पूर्वोत्तर से दिल्ली व दिल की दूरी मिटाई: मोदी

मोदी ने कहा, ‘संयोग से भारत में भी हमने देखा कि पश्चिम के क्षेत्र ने भारत के विकास की कहानी में बड़ी भूमिका निभाई है।

Last Updated- December 06, 2024 | 9:54 PM IST
PM Modi at Ashtalakshmi Mahotsav

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लंबे समय तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को वोटों की संख्या से तौला गया, लेकिन जब से केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी है, उन्होंने दिल्ली और दिल से दूरी के भाव को कम करने का भरसक प्रयास किया है। राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में तीन दिवसीय अष्टलक्ष्मी महोत्सव का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में अष्टलक्ष्मी के दर्शन होते हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाला समय पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर का होगा।

उन्होंने कहा, ‘लंबे समय तक हमने देखा है कि विकास को कैसे वोटों की संख्या से तोला गया। पूर्वोत्तर के पास वोट कम थे, सीटें कम थीं, इसलिए पहले की सरकारों द्वारा वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया।’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए अलग मंत्रालय गठित किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘बीते दशक में हमने भरसक प्रयास किया कि दिल्ली और दिल, इससे दूरी का जो भाव है, वह कम होना चाहिए।’ मोदी ने कहा कि बीते दशकों में मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों को उभरते देखा गया, लेकिन आने वाले दशकों में गुवाहाटी, अगरतला, इंफाल, ईटानगर, गंगटोक, कोहिमा, शिलांग और आइजोल जैसे शहरों का नया उभार देखने को मिलेगा।

उन्होंने अष्टलक्ष्मी महोत्सव के आयोजन को पूर्वोत्तर क्षेत्र के बेहतर भविष्य का उत्सव करार देते हुए कहा कि यह विकास के नूतन सूर्योदय का भी उत्सव है, जो ‘विकसित भारत’ के मिशन को गति देने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 100-200 साल के कालखंड को देखा जाए, तो सभी ने पश्चिम की दुनिया का उभार देखा और आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक हर स्तर पर दुनिया में पश्चिम क्षेत्र की छाप रही। उन्होंने कहा, ‘संयोग से भारत में भी हमने देखा कि पश्चिम के क्षेत्र ने भारत के विकास की कहानी में बड़ी भूमिका निभाई है। इस पश्चिम केंद्रित कालखंड के बाद अब कहा जाता है 21वीं सदी पूरब की है, एशिया की है और यह कि भारत की है। मेरा यह दृढ़ विश्वास है भारत में भी आने वाला समय पूर्वी भारत का है। हमारे पूर्वोत्तर का है।’

First Published - December 6, 2024 | 9:54 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट