facebookmetapixel
Advertisement
इजरायल और अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला: जानें ‘खतरे’ को खत्म करने वाले इस ऑपरेशन की पूरी कहानीIsrael Attack Iran News: इजरायल-ईरान टकराव के बाद उड़ानों पर ब्रेक, जानें किस-किस एयरलाइंस ने किया कैंसिलशेयर बाजार में बोनस का धमाका! अगले हफ्ते इन दो कंपनियों के निवेशकों की लगेगी लॉटरी, जानें डिटेलक्या AI छीन लेगा नौकरी? नारायण मूर्ति ने दिया चौंकाने वाला जवाबStock Split: बाजार में धमाका! मार्च के पहले हफ्ते ये 4 कंपनियां बांटेंगी अपने शेयर, चेक करें रिकॉर्ड डेटरिटायरमेंट के बाद भी कमाई जारी, ये बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याजDividend Stocks: मार्च के पहले हफ्ते में 5 कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड, नोट कर लें रिकॉर्ड डेट और बाकी डिटेलहोम लोन की सुरक्षा अब जेब पर नहीं होगी भारी! ऑनलाइन इंश्योरेंस से करें 72% तक की बचत, जानें कैसेदिल्ली NCR में अब सिर्फ Electric गाड़ियां? बड़ा फैसला ले सकती है CAQMअब सोशल मीडिया पर निवेश सलाह देना इतना आसान नहीं, SEBI ने लागू किए सख्त नियम

दस साल में पूर्वोत्तर से दिल्ली व दिल की दूरी मिटाई: मोदी

Advertisement

मोदी ने कहा, ‘संयोग से भारत में भी हमने देखा कि पश्चिम के क्षेत्र ने भारत के विकास की कहानी में बड़ी भूमिका निभाई है।

Last Updated- December 06, 2024 | 9:54 PM IST
PM Modi at Ashtalakshmi Mahotsav

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लंबे समय तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को वोटों की संख्या से तौला गया, लेकिन जब से केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी है, उन्होंने दिल्ली और दिल से दूरी के भाव को कम करने का भरसक प्रयास किया है। राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में तीन दिवसीय अष्टलक्ष्मी महोत्सव का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में अष्टलक्ष्मी के दर्शन होते हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाला समय पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर का होगा।

उन्होंने कहा, ‘लंबे समय तक हमने देखा है कि विकास को कैसे वोटों की संख्या से तोला गया। पूर्वोत्तर के पास वोट कम थे, सीटें कम थीं, इसलिए पहले की सरकारों द्वारा वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया।’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए अलग मंत्रालय गठित किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘बीते दशक में हमने भरसक प्रयास किया कि दिल्ली और दिल, इससे दूरी का जो भाव है, वह कम होना चाहिए।’ मोदी ने कहा कि बीते दशकों में मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों को उभरते देखा गया, लेकिन आने वाले दशकों में गुवाहाटी, अगरतला, इंफाल, ईटानगर, गंगटोक, कोहिमा, शिलांग और आइजोल जैसे शहरों का नया उभार देखने को मिलेगा।

उन्होंने अष्टलक्ष्मी महोत्सव के आयोजन को पूर्वोत्तर क्षेत्र के बेहतर भविष्य का उत्सव करार देते हुए कहा कि यह विकास के नूतन सूर्योदय का भी उत्सव है, जो ‘विकसित भारत’ के मिशन को गति देने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 100-200 साल के कालखंड को देखा जाए, तो सभी ने पश्चिम की दुनिया का उभार देखा और आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक हर स्तर पर दुनिया में पश्चिम क्षेत्र की छाप रही। उन्होंने कहा, ‘संयोग से भारत में भी हमने देखा कि पश्चिम के क्षेत्र ने भारत के विकास की कहानी में बड़ी भूमिका निभाई है। इस पश्चिम केंद्रित कालखंड के बाद अब कहा जाता है 21वीं सदी पूरब की है, एशिया की है और यह कि भारत की है। मेरा यह दृढ़ विश्वास है भारत में भी आने वाला समय पूर्वी भारत का है। हमारे पूर्वोत्तर का है।’

Advertisement
First Published - December 6, 2024 | 9:54 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement