facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

फिर लौटा भारत का समय: नीता अंबानी

वेव्स 2025 सम्मेलन में कहा - भारत की आत्मा से निकली कहानी फिर गूंज रही है, न्यूयॉर्क में होगा 'भारतीय सप्ताहांत' आयोजन

Last Updated- May 02, 2025 | 10:33 PM IST
Nita Ambani- नीता अंबानी

जियोस्टार की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत सभ्यता का उद्गम स्थल है और देश का वक्त एक बार फिर आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नीता मुकेश अंबानी संस्कृति केंद्र इस सितंबर में न्यूयॉर्क के लिंकन सेंटर में भारतीय सप्ताहांत का आयोजन करेगा। इसमें भारत की कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। जियो कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वेव्स 2025 कार्यक्रम में नीता अंबानी ने कहा कि भारत एक सनातन सभ्यता है, जिसने दुनिया को सत्य, अहिंसा और विनम्रता के स्थायी आदर्श दिए हैं।

भारत के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने कहा, ‘सदियों से भारत ने दुनिया को अपनी बुद्धि, सुंदरता और आत्मा का उपहार दिया है, लेकिन कहीं न कहीं हमारी आवाज नरम पड़ गई। हालांकि, अब यह फिर से उभर रही है।’ अंबानी ने कहा, ‘हम सभ्यता के उद्गम स्थल हैं। हम एक ऐसी सांस्कृतिक शक्ति हैं, जिसका समय फिर आ गया है।’

उन्होंने कहा कि कुछ सभ्यताएं अपनी शक्ति और ताकत से कहानी कहती हैं, जबकि भारत ने हमेशा अपनी कहानी आत्मा से कही है। अंबानी ने कहा कि संस्कृति समय में जमी हुई स्मृति नहीं है, बल्कि एक जीवंत वास्तविकता है, जो नदी की तरह बहती है और उपवन की तरह बढ़ती है। अंबानी ने कहा कि भारत में प्राचीनता के साथ आधुनिकता प्रतिस्पर्धा नहीं करती, बल्कि सामंजस्यपूर्ण ढंग से सह-अस्तित्व में रहती है। उन्होंने कहा कि हम अपनी समानताओं को संजोते हैं और अपने मतभेदों का जश्न मनाते हैं। यही नहीं, अपने विरोधाभासों को भी शालीनता से रखते हैं।

First Published - May 2, 2025 | 10:33 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट