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Delhi-Meerut RRTS: दिल्ली-मेरठ का सफर अब 60 मिनट से भी कम, PM ने किया रैपिड रेल का उद्घाटन

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यह देश का पहला आरआरटीएस कॉरिडोर है, जिस पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे के तहत डिजाइन ट्रेन आम तौर पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा से चलेगी

Last Updated- February 22, 2026 | 10:31 PM IST
Namo Bharat
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेरठ मेट्रो के साथ ही इसका उद्घाटन किया | फोटो क्रेडिट: PTI

राष्ट्रीय राजधानी के व्यस्त इलाकों को उत्तर प्रदेश के व्यापारिक, शै​क्षिक, खेल और कृ​षि समेत व्यावसायिक शहर मेरठ को जोड़ने वाली 30,274 करोड़ की दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) पूरी तरह चालू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेरठ मेट्रो के साथ ही इसका उद्घाटन किया।

यह देश का पहला आरआरटीएस कॉरिडोर है, जिस पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे के तहत डिजाइन ट्रेन आम तौर पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा से चलेगी, जबकि इसकी औसत गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इसी के साथ दोनों शहरों के बीच की दूरी एक घंटे से भी कम समय में तय हो सकेगी। आम तौर पर अभी तक बस या सामान्य ट्रेन से यह सफर दो घंटे से भी अ​धिक समय में पूरा होता था।

इस कॉरिडोर पर साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किलोमीटर के हिस्से पर संचालन 2023 में शुरू हुआ था। शेष हिस्सा अब चालू हो गया। कुल 82.15 किलोमीटर तक फैला यह कॉरिडोर मेरठ मेट्रो से जुड़ा हुआ है। इसकी खासियत यह है कि शहर की मेट्रो और आरआरटीएस ट्रेन एक ही ट्रैक पर दौड़ेगी और लोग मेट्रो से उतर कर नमो भारत या नमो भारत से उतर कर मेरठ मेट्रो का सफर आसानी से कर सकेंगे।

इस परियोजना की परिकल्पना नैशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) और मेरठ के साथ आवाजाही को तेज कर राष्ट्रीय राजधानी में भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से की गई थी। दिल्ली को अलवर और करनाल से जोड़ने वाले दो और कॉरिडोर की भी योजना बनाई गई थी, लेकिन इन दोनों कॉरिडोर पर अभी तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

मेरठ में रविवार को उद्घाटन समरोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से यात्रियों को शहर के भीतर यात्रा करने या सीधे दिल्ली जाने में बहुत अ​धिक सहूलियत होगी। इसका सीधा फायदा, छात्र, कारोबारियों और रोज दिल्ली काम करने जाने वालों को होगा। वे अब दोनों शहरों के बीच बिना किसी दिक्कत रोज बेहद कम समय में आवाजाही कर सकेंगे और दिल्ली में महंगे किराए पर घर लेने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘इस परियोजना की एक अनूठी विशेषता सराय काले खान, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ में रेलवे, मेट्रो और बस अड्डों के साथ जुड़ाव है। भारत में पहली बार नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही ट्रैक और स्टेशन पर चलेंगी।’

अधिकारियों के अनुसार, परिवहन की दृ​ष्टि से दुनिया के सबसे सफल शहर केवल मेट्रो या बसों पर ध्यान केंद्रित नहीं करते ब​ल्कि वे आवाजाही के तमाम विकल्पों को एक साथ जोड़ कर काम करते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘डीएमआरसी और नमो भारत नेटवर्क सहित दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन की लंबाई 743 किलोमीटर हो गई है, जो लंदन क्रॉस रेल, हॉन्ग कॉन्ग एमटीआर और पेरिस आरईआर की लंबाई से अधिक है।’

आरआरटीएस पर काम करने वाले नैशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के अनुसार इस कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र में लोगों का सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल की ओर झुकाव 37 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

इस परियोजना में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार की है जबकि शेष निवेश दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने किया है। परियोजना को अलग-अलग बैंकों से लिए गए 2 अरब डॉलर के ऋण के रूप में मिली रकम से पूरा किया गया है। इसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक से 1 अरब डॉलर, न्यू डेवलपमेंट बैंक से 50 करोड़ डॉलर और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) से 50 डॉलर का ऋण शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि इंडियन रेलवे फाइनैंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) जैसे राज्य के स्वामित्व वाले ऋणदाता भविष्य में लाए जाने वाले आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए अलग-अलग बैंकों के साथ को-फंडिंग मॉडल पर विचार कर रहे हैं।

सरकार ने इस महत्त्वाकांशी परियोजना पर कुछ नई और आधुनिक वैश्विक टेक्नॉलजी का उपयोग किया है। एनसीआरटीसी ने पूरे कॉरिडोर में सबसे उन्नत सिग्नलिंग ऐंड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम में से एक, यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) लेवल 2 (हाइब्रिड लेवल 3) को अपनाया है। नमो भारत ट्रेन डिब्बों का निर्माण फ्रांसीसी रोलिंग स्टॉक प्लेयर आल्सटॉम द्वारा सावली में अपने प्लांट में किया गया है।

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संपन्न एआई इम्पैक्ट समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर तंज कसते हुए इसे ‘गंदी और भ्रष्ट’ राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया भारत की ओर देख रही थी। मोदी ने कहा, ‘देश की सबसे पुरानी पार्टी बौद्धिक रूप से दिवालिया हो गई है।’

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First Published - February 22, 2026 | 10:31 PM IST

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