facebookmetapixel
Advertisement
निवेशकों ने एक महीने में गोल्ड में डाल दिए 24 हजार करोड़ रुपयेरूरल डिमांड के दम पर जनवरी में कारों की बिक्री 7% बढ़ी, ह्यूंदै बनी नंबर- 2 कार मैन्युफैक्चरर: FADAGold, Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹2,065 की गिरावट के साथ खुला, चांदी भी फिसली₹929 का शेयर उड़ेगा ₹1,880 तक? इस IT Stock पर ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांवकार से लेकर बाइक तक बंपर बिक्री, जानें मोतीलाल ओसवाल ने किस Auto Stock पर दी BUY की सलाहFractal Analytics vs Aye Finance IPO: किसमें कमाई का मौका, किसमें छुपा है बड़ा खतरा?Stocks to Watch Today: Titan, BSE, Aurobindo समेत ये शेयर रहेंगे फोकस मेंStock Market Today: ओपन होते ही बाजार में रफ्तार, सेंसेक्स 144 अंक बढ़त के साथ खुला, निफ्टी 25,900 के पारलोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवाल

तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल का विवाद: अभिभाषण अधूरा, राष्ट्रगान पर टिप्पणी

Advertisement

राज्यपाल और द्रमुक सरकार आमने-सामने: तमिलनाडु विधानसभा में विवाद

Last Updated- February 12, 2024 | 10:59 PM IST
Tamil Nadu Speaker M Appavu

तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने सोमवार को विधानसभा में अपने पारंपरिक अभिभाषण को पूरा पढ़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने अभिभाषण में ‘गुमराह करने वाले तथ्य’ होने का दावा किया।

सदन में राष्ट्रगान बजाये जाने के मुद्दे को लेकर भी राज्यपाल ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार की आलोचना की। उनकी कुछ टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। इस घटनाक्रम से राजभवन तथा राज्य सरकार के बीच तकरार और बढ़ गई है।

विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने कहा कि रिकॉर्ड से हटाई गई सामग्री रवि की ‘व्यक्तिगत’ टिप्पणियां थीं और केवल मंजूरी प्राप्त पाठ ही रिकॉर्ड में जाएंगे। इससे पहले, राज्यपाल ने विधानसभा में अपना परंपरागत अभिभाषण शुरू करने के चंद मिनटों बाद इसकी सामग्री पर कुछ टिप्पणियां करते हुए इसे खत्म कर दिया।

रवि के राष्ट्रगान के बारे में उल्लेख करने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन सदन में आखिर में बजाया जाता है और उन्होंने इस संबंध में सदन के नियमों का हवाला दिया।

बाद में राजभवन ने एक बयान में दावा किया कि रवि ने तमिलनाडु सरकार को सलाह दी थी कि वह राष्ट्रगान को सम्मान दे तथा इसे राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होने और इसके संपन्न होने के बाद बजाये, जिसे द्रमुक सरकार ने नजरअंदाज कर दिया।

बयान में यह आरोप भी लगाया गया है कि विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल पर निशाना साधा और उन्हें ‘नाथूराम गोडसे का समर्थक’ कहा, इसलिए रवि विधानसभा की गरिमा का ध्यान रखते हुए सदन से बाहर चले गए।

Advertisement
First Published - February 12, 2024 | 10:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement