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2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर आधारित हों बजट और नीतियां: पीएम मोदी

मोदी ने दीर्घाव​धि वृद्धि को बनाए रखने, वैश्विक क्षमता निर्माण और एकीकरण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में मिशन मोड के सुधार का आह्वान किया

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रुचिका चित्रवंशी   
Last Updated- December 30, 2025 | 10:40 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जानेमाने अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा के दौरान कहा कि बजट और नीति निर्माण 2047 तक भारत को विकसित बनाने के दृ​ष्टिकोण पर आधारित होना चाहिए। मोदी ने दीर्घाव​धि वृद्धि को बनाए रखने, वैश्विक क्षमता निर्माण और एकीकरण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में मिशन मोड के सुधार का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री एक लिंक्डइन पोस्ट में 2025 को सुधारों का वर्ष बताते हुए कहा कि भारत आने वाले वर्षों में सुधार को रफ्तार देना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण भारत के विकास मार्ग का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव होगा। अगले वित्त वर्ष का बजट पेश किए जाने से करीब एक महीना पहले प्रधानमंत्री ने अर्थशास्त्रियों के साथ बातचीत की। बातचीत ‘आत्मनिर्भरता एवं ढांचागत बदलाव: विकसित भारत के लिए एजेंडा’ विषय पर केंद्रित थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित बनाने का दृ​ष्टिकोण अब केवल सरकार की नीति होने के बजाय एक वास्तविक जन आकांक्षा बन गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव शिक्षा, उपभोग एवं वै​श्विक मोबिलिटी की बदलती रूपरेखा से बिल्कुल स्पष्ट है। तेजी से बढ़ते आकांक्षी समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर संस्थागत क्षमता और तत्परता के साथ बुनियादी ढांचे की योजना बनाने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हमारा देश वै​श्विक कार्यबल एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अर्थशास्त्रियों के साथ चर्चा मुख्य तौर पर परिवारों की बचत में वृद्धि, बुनियादी ढांचे का विकास और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी की तैनाती के जरिये ढांचागत बदलाव में तेजी लाने पर केंद्रित रही। वि​भिन्न क्षेत्रों की उत्पादकता को बेहतर करने में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की भूमिका और भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

बातचीत में भाग लेने वाले अर्थशास्त्रियों में इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनैशनल इकनॉमिक रिलेशंस के मानद प्रोफेसर शंकर आचार्य, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर अमिता बत्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के चेयरमैन आदि शामिल थे। प्रधानमंत्री ने लिंक्डइन पर जारी एक पोस्ट में कहा कि भारत अब सुधार एक्सप्रेस में सवार हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘इस सुधार एक्सप्रेस का प्रमुख इंजन भारत की डेमोग्राफी, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का जुनून है।’

मोदी ने कहा कि भारत 2025 को एक ऐसे वर्ष के रूप में याद रखेगा जब उसने पिछले 11 वर्षों के दौरान तय की गई जमीनी स्तर के सुधारों पर एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा, ‘हमने संस्थानों का आधुनिकीकरण किया, प्रशासन को सरल बनाया और दीर्घाव​धि एवं समावेशी वृद्धि के लिए बुनियाद को मजबूत किया। हमने ऊंचे लक्ष्य, तेजी से कार्यान्वयन और व्यापक बदलाव के साथ निर्णायक तौर पर कदम बढ़ाया है।’ उन्होंने साल के दौरान सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बारे में कहा कि लोगों के नए उत्साह के कारण भारत आज दुनिया का ध्यान
आक​र्षित कर रहा है।

मोदी ने कहा, ‘ये सुधार नागरिकों को गरिमा के साथ जीने, उद्यमियों को आत्मविश्वास के साथ नवाचार करने और संस्थानों को स्पष्टता एवं भरोसे के साथ कामकाज करने में सक्षम बनाने के लिए हैं।’ उन्होंने माल एवं सेवा कर (जीएसटी), आयकर, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), प्रतिभूति बाजार, समुद्री अर्थव्यवस्था, छोटी कंपनियों और श्रम सुधार के बारे में बात की।

प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड, ओमान और ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौतों पर किए गए हस्ताक्षरों और यूरोपीय संघ के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते पर प्रकाश डाला। मोदी ने कहा कि सुधारों को छोटे कारोबारियों, युवा पेशेवरों, किसानों, मजदूरों और मध्य वर्ग की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए सहानुभूति के साथ डिजाइन किया गया है।

First Published : December 30, 2025 | 10:21 PM IST