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CLAT-24: NLU का बड़ा बयान, कहा- तैयारी शुरू, नहीं हो सकता लोकल लैंग्वेज में एग्जाम

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CLAT वर्तमान में अंग्रेजी में आयोजित की जाती है। शैक्षणिक वर्ष 2024 के लिए परीक्षा दिसंबर में निर्धारित है

Last Updated- July 08, 2023 | 5:24 PM IST
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राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) के समूह ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि CLAT-2024 की तैयारी अंतिम चरण में है और बिना चर्चा के इस वर्ष अतिरिक्त भाषा विकल्पों को पेश करने के लिए अगर कोर्ट कोई न्यायिक आदेश सुनाता है तो गंभीर प्रशासनिक और ऑपरेशनल मुद्दे होंगे।

कॉमन लॉ एडिशन टेस्ट (CLAT) वर्तमान में अंग्रेजी में आयोजित की जाती है। शैक्षणिक वर्ष 2024 के लिए परीक्षा दिसंबर में निर्धारित है।

समूह ने कहा है कि उसने अतिरिक्त भाषाओं में परीक्षा की पेशकश के मुद्दे का अध्ययन करने और हितधारकों के दृष्टिकोण और संभावित अड़चन की समीक्षा के बाद एक व्यापक खाका तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) के कुलपतियों की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। क्षेत्रीय भाषाओं में भी CLAT-2024 आयोजित करने के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका (PIL) में यह दलील दी गई।

चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कई भाषाओं में CLAT के आयोजन पर गौर करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति को अगस्त में होने वाली अपनी अगली बैठक में निर्णय लेने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने मामले को एक सितंबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के कानून के छात्र सुधांशु पाठक द्वारा दायर जनहित याचिका में दलील दी गई है कि CLAT (ग्रैजुएशन) परीक्षा ‘‘भेदभाव’’ करती है और उन छात्रों को ‘‘समान अवसर’’ प्रदान करने में विफल रहती है जिनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि क्षेत्रीय भाषाओं से संबंधित है।

समूह ने अपने जवाब में कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सभी प्रत्याशित कठिनाइयों को दूर करने के बाद आने वाले वर्षों में अतिरिक्त भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने के लिए उपयुक्त अग्रिम तैयारी करने में सक्षम बनाएगी।

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समूह ने कहा कि समिति ने 25 जून को अपनी पहली बैठक की और विषय वस्तु से संबंधित कुछ मुद्दे तय किए। जवाब में कहा गया कि समूह इस मुद्दे पर अधिक बारीकी से गौर करने की आवश्यकता को चुनौती नहीं देता है।

हालांकि, यह दिखाने के लिए किसी भी डेटा के अभाव में इस स्तर पर न्यायिक हस्तक्षेप के लिए यह समयपूर्व फैसला होगा कि सभी NLU में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने के बावजूद पहले से ही छात्रों का एक महत्वपूर्ण समूह अनुसूचित भाषाओं में परीक्षा देना चाहता है।

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हाईकोर्ट ने पूर्व में समूह से पूछा था कि यदि मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जा सकती है, तो CLAT क्यों नहीं?

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याचिका में कहा गया है कि नई शिक्षा नीति, 2020 और बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होना आवश्यक है।

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First Published - July 8, 2023 | 5:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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