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साइबर खतरों पर RBI अलर्ट, ‘मिथोस’ AI से निपटने के लिए विनियमित संस्थाओं को जारी की एडवाइजरी

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आरबीआई ने एंथ्रोपिक के 'मिथोस' एआई मॉडल से जुड़े साइबर सुरक्षा खतरों और इसके सही इस्तेमाल को लेकर वित्तीय संस्थाओं के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है

Last Updated- June 06, 2026 | 9:35 AM IST
Cyber Security
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वह मिथोस से जुड़े साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसने विनियमित संस्थाओं को अपनी तैयारी के लिए सलाह जारी की है। 

मौद्रिक नीति के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने कहा, ‘हमने जरूरी सलाह जारी कर दी है। हम इस तरह के साइबर सुरक्षा खतरों और पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’ 

एंथ्रोपिक ने भारत समेत 15 अन्य देशों में अपने मिथोस एआई मॉडल की उपलब्धता बढ़ा दी है। स्वामीनाथन के अनुसार, इस परियोजना में चुनिंदा कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं को एक्सेस मिलेगा। हालांकि, अभी इस बारे में पूरी जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

मिथोस एक एआई-आधारित साइबर सिक्योरिटी सिस्टम है जिसे एंथ्रोपिक ने विकसित किया है। इसका मकसद सॉफ्टवेयर की कमियों और उभरते साइबर खतरों का पता लगाना है, ताकि गलत इरादे वाले लोग इनका फायदा न उठा सकें।

उन्होंने कहा, ‘एक बार जब यह मौका मिल जाएगा, तो सरकार और अन्य नियामकों के साथ सलाह-मशविरा करके इसका सही इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस पर हम आगे कदम उठाएंगे।’

सरकार और वित्तीय क्षेत्र के अंतर-नियामकीय फोरम, दोनों ही स्तरों पर इस सिस्टम पर हमारा ध्यान है। भागीदारी का स्वरूप स्पष्ट हो जाने के बाद, केंद्रीय बैंक सरकार और अन्य नियामकों के साथ मिलकर आगे के कदम उठाएगा।

उन्होंने कहा, ‘हम इस तरह के और पारंपरिक साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके अलावा जब हमारे पास इससे निपटने की योजना की पूरी जानकारी होगी, तो हम बाजार को इसके बारे में जानकारी देते रहेंगे।’

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First Published - June 6, 2026 | 9:35 AM IST

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