वित्त-बीमा

RBI का बड़ा कदम: बैंकिंग शिकायतों के लिए बनेगा CRPC, जारी किए नए लोकपाल नियम

रिजर्व बैंक की शिकायत प्रबंधन प्रणाली के पोर्टल से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होंगी जबकि ईमेल या डाक से प्राप्त शिकायतों केंद्रीयकृत रूप से सीआरपीसी दर्ज करेगा

Published by
अनुप्रेक्षा जैन   
Last Updated- January 16, 2026 | 10:26 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एकीकृत लोकपाल योजना के संशोधित उपबंधों के तहत इलेक्ट्रॉनिक मोड (ई-मेल) और कागज के फॉर्म पर प्राप्त शिकायतों की शुरुआती जांच करने के लिए सेंट्रलाइज्ड रिसीट ऐंड प्रोसेसिंग सेंटर (सीआरपीसी) की स्थापना करेगा। यह जानकारी रिजर्व बैंक ने एकीकृत लोकपाल योजना के संशोधित मानदंडों को जारी करने के दौरान दी। 

इन मानदंडों के अनुसार, ‘रिजर्व बैंक का लोकपाल/उपलोकपाल शिकायतों पर विचार करते समय प्रासंगिक बैंकिंग कानून व व्यवहार के सिद्धांतों के साथ रिजर्व बैंक के समय-समय पर जारी निर्देशों, अनुदेशों, दिशानिर्देश व विनियमन जैसे अन्य कारकों को ध्यान में रखेंगे।’ यह योजना 1 जुलाई, 2026 से लागू होगी। 

रिजर्व बैंक की शिकायत प्रबंधन प्रणाली के पोर्टल से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होंगी जबकि ईमेल या डाक से प्राप्त शिकायतों केंद्रीयकृत रूप से सीआरपीसी दर्ज करेगा। 

रिजर्व बैंक ने कहा, ‘एकीकृत लोकपाल योजना का उद्देश्य इस योजना के तहत आने वाली विनियमित संस्थाओं के खिलाफ शिकायतों के समाधान के लिए लागत प्रभावी, त्वरित, गैर-विरोधी वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करना है।”

Also Read:  Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलान

इसके अलावा रिजर्व बैंक के लोकपाल के समक्ष आने वाली शिकायतों के संबंध में राशि की कोई सीमा नहीं है। इस मामले में रिजर्व बैंक का लोकपाल/रिजर्व बैंक का उपलोकपाल समझौता करा सकता है या आदेश जारी कर सकता है। 

इसमें कहा गया है, ‘हालांकि, शिकायतकर्ता से होने वाले किसी नुकसान की भरपाई के लिए रिजर्व बैंक के लोकपाल के पास 30 लाख रुपये तक का मुआवजा देने की शक्ति होगी। इसके अलावा रिजर्व बैंक के लोकपाल के के पास शिकायतकर्ता के समय की हानि, किए गए खर्चों, उत्पीड़न/मानसिक पीड़ा, यदि कोई हो तो उसके लिए 3 लाख रुपये तक का मुआवजा देने की भी शक्ति होगी।

First Published : January 16, 2026 | 10:26 PM IST