facebookmetapixel
Advertisement
फ्लिपकार्ट मिनट्स की गॉरमे सेगमेंट में एंट्री, प्राइवेट लेबल ‘Pykd’ के साथ बेचेगी प्रीमियम सामान1200% का मोटा डिविडेंड! NBFC सेक्टर की कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट 12 अगस्तझारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर नहीं बनी बात, 15वें दिन भी जारी छात्रों का आंदोलनडीपफेक और AI कंटेंट पर Meta की बढ़ी मुश्किलें, सरकार ने ‘इंटरमीडियरी’ स्टेटस पर उठाए सवालRetirement Planning: पहली सैलरी आए तभी से शुरू कर दें बुढ़ापे की तैयारी, बाद में भारी पड़ सकती है अनदेखीDividend Stocks: शेयर बाजार में 10 से 14 अगस्त तक डिविडेंड की बारिश, 90 से अधिक कंपनियां बाटेंगी मुनाफाE20 विवाद के बीच सरकारी तेल कंपनियों का दावा: ईंधन पूरी तरह सुरक्षित, ना घट रही माइलेज ना हो रहा नुकसानरूसी तेल खरीदने पर 100% टैरिफ, अमेरिकी सीनेट में पास हुआ विधेयक; भारत-चीन को खतराविधानसभा उपचुनावों में 17 सालों से सत्ता पक्ष का रहा है दबदबा, 53% सीटों पर हासिल की जीतबिहार में शराबबंदी से नहीं थमा महिलाओं के खिलाफ अपराध, पर राज्य में बढ़ा अवैध शराब का कारोबार

पोस्ट ऑफिस ने की ब्याज दरें बढ़ाने की गुजारिश

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 1:45 AM IST

पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजना में घटती जमाओं से परेशान दूरसंचार मंत्रालय ने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से इन योजनाओं में जमा पर ब्याज दर बढ़ाने को कहा है।


वित्तीय वर्ष 2007-08 में फरवरी तक पोस्ट ऑफिस की छोटी योजना में होने वाली सेविंग में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और धन की निकासी जमा के स्तर से अधिक रही।

इस समयावधि में कुल 11,4673.90 करोड़ रुपये पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में जमा किए गए, जबकि 1,26400.31 करोड़ रुपये की राशि निकाली गई। अलग-अलग बचत योजनाओं के लिहाज से बचत पत्र में जमा पर 18.63 प्रतिशत की कमी आई। इसमें कुल जमा 19,289.99 करोड़ रुपये की रहीं, जबकि 22,885.61 करोड़ रुपये की राशि निकाली गई।

पीपीएफ को छोड़कर दूसरी पोस्ट ऑफिस बचत बैंक योजना में भी जमा पर 9 प्रतिशत की कमी आई है। वित्तीय वर्ष 2007-08 में इसमें कुल जमा 93,380.63 करोड़ की रही, जबकि निकाली गई राशि 1,02,143.75 करोड़ रुपये रही।

पोस्ट ऑफिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान अधिक ब्याज दर दे रहे हैं। इसी के चलते पोस्ट ऑफिस की ये छोटी बचत योजनाएं जो एक समय निवेशकों के बीच में काफी लोकप्रिय हुआ करती थीं, हाल के वर्षों में नकारात्मक वृध्दि दर दर्शा रही हैं।

उदाहरण के लिए पहले पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना (एमआईएस) पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देता था। साथ ही योजना पूर्ण होने पर 10 प्रतिशत बोनस मिलता था। दो साल पहले इस योजना पर बोनस बंद कर दिया गया। इससे यह योजना अपना आकर्षण खो बैठी। बाद में 5 प्रतिशत बोनस फिर प्रारंभ किया गया। पोस्ट ऑफिस चाहता है बोनस को पहले वाले स्तर पर ही लाया जाए। उसे उम्मीद है कि इससे यह योजना फिर से जमाओं को आकर्षित करेगी।

Advertisement
First Published - May 26, 2008 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement