चाहे कार्गो के परिचालन का सवाल हो या यात्रियों के परिवहन का सवाल, भारतीय रेलवे के बारे में सोचते ही भीड़भाड़ भरे स्टेशनों और ट्रेन के डिब्बों का ख्याल आता है। ये हालात यह भी दिखाते हैं कि भारतीय रेलवे का मौजूदा बुनियादी ढांचा न ही यात्रियों के लिये पर्याप्त है और न ही कार्गो […]
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पिछले एक साल के दौरान ऑटो पुर्जे बनाने वाली कम्पनियों के शेयरों के दाम काफी तेजी से गिरे हैं। फिलहाल इनका भाव 52 सप्ताह में सबसे निचले स्तर पर है। बढ़ती ब्याज दर और लागत दर में आए उछाल के चलते इन कंपनियों के लिए बेहतर नतीजे देना मुश्किल होता जा रहा है। लिहाजा कंपनियां […]
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सोना महज धातु ही नहीं बल्कि मंदी के बारे में सूचना देने का काम भी करता है। लेकिन कीमती धातुओं की कीमतों में आने वाले वक्त में कमी होने के आसार मंदी पर नजर रखने वालों के लिए खासे चौंकाने वाले हो सकते हैं। हम इस वक्त घोर अनिश्चतता के दौर से गुजर रहे हैं। […]
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भारतीय फिल्म उद्योग की सालाना चक्रीय वृध्दि दर वर्ष 2007 से 2012 के दौरान 13 फीसदी रहने के आसार हैं। इससे फिल्म उद्योग का कुल कारोबार 2012 तक 175.5 अरब तक पहुंच जायेगा। यह स्थिति भारत में सबसे ज्यादा थियेटर चेन संचालित करने वाली पिरामिड साइमिरा के लिये अच्छी होनी चाहिये। पिरामिड सायमिरा थियेटर लिमिटेड […]
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भारतीय इक्विटी मार्केट में पिछले कई सालों के दरम्यान बीमा कंपनियों की भूमिका में इजाफा दर्ज किया गया है। यह यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान)का असर है कि बीमा कंपनियों को इक्विटी बाजार में अपनी पैठ बनाने में सफलता हासिल हुई है। मसलन, वित्तीय वर्ष 2008 के दौरान भारतीय जीवन बीमा कंपनियों ने कुल 69,000 […]
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शेयर बाजार अव्यवस्थित हो सकता है लेकिन एक रियल एस्टेट फंड निवेशकों की खुशी को बनाए रखने में सफल रहा है, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। रियल एस्टेट उद्योग कम से कम आशाजनक तो है। पिछले कुछ वर्षों में कई रियल एस्टेट कंपनियां सूचीबध्द हुई हैं और विदेशी पैसों का प्रवाह […]
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विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए आरबीआई औद्योगिक घरानों की कार्यशील पूंजी के लिए लिए जाने वाले कर्ज या ऋण के लिए मार्जिन या कोलैटरल संबंधी जरुरतों को सख्त बना सकती है। जबकि कृषि क्षेत्र में ऋण का प्रवाह बढ़ाने के लिए नरमी का रुख अख्तियार कर सकती है।सूत्रों ने बताया कि […]
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने इस बात का खुलासा किया है कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के जिन 70 उपक्रमों में इक्विटी निवेश किया है, वह घाटे के कारण पूरी तरह चौपट हो गया है। मार्च 2007 तक इन कंपनियों के नेटवर्थ में 64,358 करोड़ रुपये की कमी आ गई।कैग ने […]
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अमेरिकी मंदी और डेरिवेटिव्स सौदों में हुए घाटे के बावजूद प्राइवेट सेक्टर का प्रमुख बैंक एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2007-08 की चौथी तिमाही में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 37 फीसदी ज्यादा मुनाफा कमाया। इस अवधि में बैंक का कुल मुनाफा 471.11 करोड़ रुपये हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष की […]
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भारत के सबसे पुराने म्युचुअल फंड यूनिट स्कीम 1964 (यूएस-64) के तकरीबन 12 लाख निवेशकों की अगले महीने चांदी होगी। दरअसल, 44 साल पुराने यूएस-64 स्कीम की परिपक्वता अवधि 31 मई, 2008 को पूरी हो रही है और इसके लिए यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एसयूयूटीआई) 8,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि देने को राजी हो […]
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