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पहली छमाही में 45.4 अरब डॉलर तक पहुंचे विलय-अधिग्रहण के सौदे

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निजी इक्विटी कंपनियां सक्रिय तो रहीं। लेकिन सतर्क भी। हालांकि पीई निवेश वाले सौदों की संख्या स्थिर रही।

Last Updated- July 02, 2025 | 10:26 PM IST
Smallcap Stocks
प्रतीकात्मक तस्वीर

देश के विलय और अधिग्रहण बाजार में साल 2025 की पहली छमाही के दौरान 45.44 अरब डॉलर के सौदे दर्ज किए गए जो एक साल पहले की तुलना में करीब 3.3 प्रतिशत अधिक है। हालांकि इस दौरान काफी बड़े आकार वाले सौदे नहीं हुए। पहली छमाही के दौरान सौदों की संख्या 7.1 प्रतिशत बढ़कर 1,614 तक पहुंच गई। इससे मझोले आकार और छोटी परिसंपत्तियों के लिए देसी समूहों और निजी इक्विटी फंडों की लगातार दिलचस्पी का पता चलता है।

स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा और वित्तीय सेवा क्षेत्र प्रमुखता से उभरे हैं। हालांकि कुल मूल्य महामारी के बाद के साल 2022 के उच्च स्तर से कम रहा। तब पहली छमाही में मुख्य रूप से एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के बीच महाविलय के कारण सौदे 135 अरब डॉलर से ज्यादा हो गए थे।  

पहली छमाही के दौरान सबसे बड़ा सौदा न्यू माउंटेन कैपिटल द्वारा चेन्नई की राजस्व चक्र प्रबंधन कंपनी ऐक्सेस हेल्थकेयर सर्विसेज का 2 अरब डॉलर का अधिग्रहण रहा। यह सौदा अमेरिका की मांग और भारत के प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवा आधार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवा आउटसोर्सिंग के बढ़ते आकर्षण को बताता है। सिंगापुर के फंड टेमासेक द्वारा हल्दीराम फूड्स में उसके प्रवर्तकों से एक अरब डॉलर में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी पहली छमाही के दौरान एक अन्य प्रमुख सौदा रहा।

बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तो सूचीबद्ध कंपनी अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड ने विदेशी बंदरगाह परिसंपत्तियों में अपना विस्तार जारी रखते हुए प्रवर्तक इकाइयों से 1.97 अरब डॉलर में एबट पॉइंट पोर्ट होल्डिंग्स का अधिग्रहण किया। इस कदम को अदाणी समूह की एशिया-प्रशांत में अपने लॉजिस्टिक पैठ को मजबूत करने की व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

समूहों की बात करें तो आदित्य बिड़ला समूह की धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने अमेरिका की एल्यूकेम कंपनीज में 12.5 करोड़ डॉलर के उद्यम मूल्य में 100 प्रतिशत इक्विटी के अधिग्रहण का ऐलान किया। बजाज होल्डिंग्स ऐंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने भी बड़ा सौदा किया और बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस में आलियांज एसई की हिस्सेदारी 1.2 अरब डॉलर में खरीदी। इससे देश में तेजी से विकसित होते बीमा क्षेत्र की मजबूती उजागर होती है। पिछले सप्ताह घोषित जेएसडब्ल्यू पेंट्स द्वारा एक्जो नोबेल इंडिया का अधिग्रहण साल का एक और बड़ा विलय-अधिग्रहण का सौदा है। जेबी केमिकल्स में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदने के लिए टॉरंट का 19,500 करोड़ रुपये का सौदा पहली छमाही का एक और बड़ा सौदा रहा।

निजी इक्विटी कंपनियां सक्रिय तो रहीं। लेकिन सतर्क भी। हालांकि पीई निवेश वाले सौदों की संख्या स्थिर रही। लेकिन सौदों का औसत आकार घट गया। उपभोक्ता प्रौद्योगिकी और एडटेक जैसे क्षेत्र, जो कभी पीई गतिविधियों के केंद्र थे, में मूल्यांकन में बदलाव और फंडिंग में नरमी के असर के कारण दिलस्पी कम देखी गई।

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First Published - July 2, 2025 | 10:20 PM IST

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