facebookmetapixel
DARPG डेटा में खुलासा: 2025 में श्रम मंत्रालय को मिलीं शिकायतें, कुल ग्रीवांस में 15.5% हिस्सेदारी‘हम ब्लैकमेल नहीं होने वाले’, टैरिफ पर EU और ब्रिटेन का ट्रंप को जवाब: यह फैसला रिश्तों में दरार डालेगाQ3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्द

आईडीबीआई बैंक बेचने के लिए 25 फरवरी से रोड शो

Last Updated- December 11, 2022 | 9:13 PM IST

आईडीबीआई बैंक को बेचने के लिए सरकार 25 फरवरी से निवेशकों के साथ रोड शो शुरू करेगी। केंद्र सरकार व भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) बैंक की अपनी हिस्सेदारी निजी खरीदार को बेचने के लिए तैयार हैं।
निवेशकों की इसमें प्राथमिक रुचि इस बात को लेकर होगी कि सरकार पहली बार सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के रणनीतिक विनिवेश की कवायद कर रही है, हालांकि इसमें बहुलांश हिस्सेदारी एलआईसी की है।
इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर रोडशो वर्चुअल होंगे, क्योंकि महामारी के प्रसार के डर से निवेशक सशरीर बैठक करने को इच्छुक नहीं हैं। रोडशो का प्रबंधन केपीएमजी और लिंक लीगल द्वारा किया जाएगा, जिन्हें निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने मध्यस्थ नियुक्त किया है।
सरकार इस बैंक में अपनी 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। भारतीय जीवन बीमा निगम की हिस्सेदारी 49.24 प्रतिशत है और वह भी नए खरीदार को प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ अपनी हिस्सेदारी बेचेगी।
केंद्र व एलआईसी हिस्सेदारी बिक्री की मात्रा, लेन देन के ढांचे के बारे में रिजर्व बैंक के साथ परामर्श कर फैसला करेंगे। हालांकि बिजनेस स्टैंडर्ड ने एक खबर में पहले बताया था कि सरकार को अभी भी विनिवेश की मात्रा के बारे में फैसला करना बाकी है, लेकिन 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने पर चर्चा हो रही है और केंद्र व एलआईसी उसी अनुपात में अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे।  बिक्री में नए खरीदार को प्रबंधन नियंत्रण हस्तांतरित किया जाना शामिल है।

First Published - February 16, 2022 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट