facebookmetapixel
Visa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभबिकवाली और आयातकों की मांग से रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 पर, एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनीIndusInd Bank Q3 Results: मुनाफे पर पड़ा भारी असर, लाभ 91% घटकर ₹128 करोड़ पर पहुंचाविदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्जपेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड खत्म होने से फिनटेक फर्मों के राजस्व पर मामूली असर भारत ब्राजील से तेल की खरीद दोगुनी करेगा, BPCL-पेट्रोब्रास 78 करोड़ डॉलर के समझौते पर करेंगे हस्ताक्षरअमीर निवेशकों की पसंद बने AIF, निवेश प्रतिबद्धता 16 लाख करोड़ रुपये के पारमुक्त व्यापार समझौते के करीब भारत और यूरोपीय यूनियन, 27 जनवरी को हो सकता है बड़ा ऐलानभू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना, चांदी और प्लैटिनम रिकॉर्ड स्तर परमुनाफे में 8% उछाल के साथ इंडियन बैंक की दमदार तिमाही, MD बोले: हम बिल्कुल सही रास्ते पर

मार्जिन सुधार से बढ़ सकता है बैंकों ­का मुनाफा

Last Updated- April 10, 2023 | 9:54 PM IST
Indian Banks- भारतीय बैंक

बैंकों से उम्मीद की जा रही है कि आर्थिक सुधार का लाभ उठाते हुए वे मार्च 2023 को समाप्त होने वाली तिमाही (वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही) में अच्छा लाभ और परिसंपत्ति गुणवत्ता प्रोफाइल दर्ज करेंगे।

बेहतर शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) और ऋण लागत में गिरावट के बीच सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर औसतन 43.6 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान जताया गया है। यह ब्लूमबर्ग के डेटाबेस पर 17 बैंकों के विश्लेषक अनुमानों के संयुक्त आकलन पर आधारित है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 84.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। घरेलू ब्रोकर मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि अच्छे मार्जिन और ऋण लागत में लगातार कमी से सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों की कमाई में इजाफा दमदार रहने के आसार हैं। निजी क्षेत्र के बैंकों के मामले में भी अच्छी कारोबारी वृद्धि, जोरदार मार्जिन और नरम ऋण लागत के वजह से कमाई अच्छी रहनी चाहिए।

लेकिन वेतन संशोधन के कारण सरकारी स्वामित्व वाले ऋणदाताओं के मामले में तथा कारोबारों में लगातार निवेश की वजह से निजी बैंकों के मामले में परिचालन व्यय अधिक रहने के आसार हैं।

विश्लेषकों के अनुमानों के अनुसार बढ़ती उधार दर और अग्रिमों पर अधिक प्रतिफल की वजह से मार्च 2023 की तिमाही में बैंक शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में सालाना आधार पर 21.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर सकते हैं।

बैंकों के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी से लाभ के संबंध में केयर रेटिंग्स ने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने उधार दर और जमा दरों के बीच अधिक अंतर बनाए रखा है।

ब्याज दर बढ़ोतरी उसके बाद जमा दरों के मुकाबले उधार दरों में तीव्र बदलाव से निकट अवधि में एनआईएम में विस्तार हुआ है। यह प्रवृत्ति दिसंबर 2022 की तिमाही में भी देखी गई थी, जब एनआईएम सालाना आधार पर 17 आधार अंक तक बढ़कर 3.3 प्रतिशत हो गई। वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में एनआईएम 2.8 प्रतिशत स्तर पर थी।

बैंकों ने मई 2022-मार्च 2023 के दौरान नीतिगत रीपो दर में वृद्धि के साथ अपने बाहरी बेंचमार्क आधारित उधार दरों (ईबीएलआर) को 250 आधार अंक तक बढ़ाते हुए संशोधित किया है। खुदरा और एमएसएमई के ऋण का मूल्य निर्धारण ईबीएलआर से जुड़ा हुआ है।

First Published - April 10, 2023 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट