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सहकारी बैंकों से हाउसिंग लोन की सीमा बढ़ी

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:25 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुध‍वार  को सहकारी बैंकों से मिलने वाले आवास ऋण की सीमा दोगुनी कर दी और ग्रामीण सहकारी बैंकों को आवासीय रियल एस्टेट परियोजना के वित्त  पोषण की मंजूरी दे दी, ताकि अफोर्डेबल हाउसिंग व समग्र विकास को सहारा मिले।
केंद्रीय बैंक ने शहरी सरकारी बैंकों को ग्राहकों की जरूरतों खास तौर से वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों को बैंकिंग सेवा उनके घर पर उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी। यह कदम उन्हें अधिसू​चित वाणिज्यिक बैंकों के समकक्ष ला देगा, जो पहले से ही ऐसी सेवाएं दे रहे हैं।
आरबीआई ने मौद्रिक नीति बयान में आज कहा कि वह सहकारी बैंकों की तरफ से दिए जा रहे आवास ऋण की सीमा दोगुनी कर रहा है क्योंकि हाउसिंग की कीमतें बढ़ी है और हम इसमें  ग्राहकों  की जरूरतें भी समाहित कर रहे हैं। इन सीमाओं में पिछली बार शहरी सहकारी बैंकों  के लिए साल 2011 में और ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए साल 2009 में संशोधन हुए थे।

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First Published - June 9, 2022 | 12:49 AM IST

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