facebookmetapixel
Advertisement
SME IPO की धूम! अगस्त में जुटाए करीब ₹1220 करोड़, 2026 में अब तक सबसे ज्यादाऑटो बिक्री ने अगस्त में बनाया रिकॉर्ड, 24 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकीसागर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18, 100 से अधिक अस्पताल में भर्ती; अब तक 10 गिरफ्तारखाते में एक भी रुपया नहीं? घबराने की जरूरत नहीं, पात्र खाताधारक ऐसे ले सकते हैं ₹10,000 तक का ओवरड्राफ्टसुपर अल नीनो से बिगड़ेगा चीनी-एथेनॉल का गणित? घटती फसल और कम स्टॉक ने बढ़ाई चिंतासोना-चांदी में गिरावट, क्या अभी और सस्ता होगा गोल्ड? एक्सपर्ट ने बताए अहम लेवलIPO में कमाई का मौका या रिस्क? इस हफ्ते खुलेंगे 12 इश्यू, जानें किस आईपीओ का GMP सबसे ज्यादा और कहां है फायदाकच्चे तेल ने बिगाड़ा बाजार का मूड, निफ्टी 23,800 के नीचे; आगे और आएगी गिरावट?मारुति सुजुकी ने दिया झटका! चुनिंदा कारें होंगी ₹20,000 तक महंगी, सितंबर में लागू होंगी नई कीमतेंदो सेशन में 150% रिटर्न; ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ शुरू की कवरेज, कहा – जाएगा ₹1500 के पार

एनबीएफसी के लिए लाभांश नियम सख्त

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 3:22 AM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कुछ मानदंडों के आधार पर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की लाभांश भुगतान के नियम सख्त कर दिए हैं। इन मानदंडों में संबंधित एनबीएफसी के खाते में फंसा कर्ज कितना है और उसका सही से खुलासा किया गया है या नहीं आदि को शामिल किया गया है। शुद्घ मुनाफे का जितना हिस्सा किसी साल में लाभांश दिया जा सकता है उसे लाभांश अनुपात कहा जाता है। आरबीआई ने कारोबार की प्रकृति के हिसाब से एनबीएफसी के लिए लाभांश अनुपात की सीमा 50 से 60 फीसदी तय कर दी है। आरबीआई ने कहा है कि अगर किसी साल कोई अप्रत्याशित आय प्राप्त होती है तो उसे मुनाफे से बाहर रखा जाएगा।
हालांकि आम लोगों से जमा स्वीकार नहीं करने वाली एनबीएफसी के लिए ऐसी कोई सीमा तय नहीं की गई है। आरबीआई ने कहा कि इन निमयों से पारदर्शिता बढ़ेगी और एकरूपता आएगी।
लाभांश की घोषणा से पहले एनबीएफसी के निदेशक मंडल को यह सुनिश्चित करना होगा किगैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) को कम करके नहीं दिखाया गया हो। एनपीए के स्तर से नियामक और ऑडिटरों को संतुष्ट होना होगा और लगातार तीन साल तक यह 6 फीसदी से नीचे होना चाहिए। एनबीएफसी के पास न्यूनतम पूंजी पर्याप्तता होनी चाहिए जो तीन साल में कम से कम 15 फीसदी होगी। स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर के लिए न्यूनतम पूंजी पर्याप्तता 20 फीसदी होगी।
आरबीआई ने कहा कि इन मानदंडों को पूरा नहीं करने वाली एनबीएफसी अधिकतम 10 फीसदी तक ही लाभांश दे सकती है। हालांकि इसके लिए शुद्घ एनपीए संबंधित वित्त वर्ष के अंत में 4 फीसदी से कम होना चाहिए। केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक लाभांश की घोषणा पर तदर्थ व्यवस्था के किसी भी अनुरोध पर गौर नहीं करेगा।’ एक प्रमुख निवेश कंपनी के तौर पर पंजीकृत और समूह की कंपनियों में 90 फीसदी निवेश रखने वाली एनबीएफसी 60 फीसदी तक लाभांश का अंतरण कर सकती है।

Advertisement
First Published - June 24, 2021 | 11:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement