facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

डिजिटल भुगतान पकड़ रहा रफ्तार

Last Updated- December 11, 2022 | 8:27 PM IST

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की बढ़ती मात्रा साबित करती है कि महामारी ने पिछले दो वर्षों में देश में डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल को कई गुना बढ़ा दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिजिटल भुगतान सूचकांक में यह बात नजर आती है, जो मार्च 2020 तक 207.84 की तुलना में सितंबर 2021 तक बढ़कर 304.06 हो चुका है। यह सूचकांक किसी विशेष समयावधि के दौरान देश भर में भुगतान के डिजिटलीकरण के दायरे को दर्शाता है। यूपीआई इस डिजिटल भुगतान अभियान का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है। वित्त वर्ष 22 अब तक यूपीआई 74.51 लाख करोड़ रुपये के 40.49 अरब से कुछ अधिक लेनदेन कर चुका है। यह वित्त वर्ष 21 में किए गए लेनदेन (मात्रा के लिहाज सें) की तुलना में तकरीबन दोगुनी संख्या है। आंकड़े बताते हैं पिछले दो साल में सभी मोबाइल भुगतानों में उत्तरोत्तर तेजी नजर आई है और इस अवधि में एटीएम से नकद निकासी कमोबेश स्थिर रही। देश में क्रेडिट कार्डों की संख्या में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि, डेबिट कार्डों की संख्या में 14 प्रतिशत की वृद्धि और वॉलेट की संख्या में 42 प्रतिशत की शानदार वृद्धि देखी गई है।

First Published - March 28, 2022 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट