facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट व कमजोर मॉनसून बढ़ा सकती हैं चिंताएं, चुनौतियों से निपटने के लिए रहें तैयार: वित्त मंत्रालयक्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला10 साल के सबसे खराब मानसून के खतरे के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ’ अभियानपूरी तरह बदल गया ट्रेंड! क्यों पुराने लॉयल्टी प्रोग्राम्स छोड़ ‘इंस्टेंट डिजिटल रिवॉर्ड्स’ के दीवाने हो रहे युवा?Dividend Stocks: अगले हफ्ते रिलायंस और HDFC AMC समेत 19 कंपनियां बांटने जा रही हैं मुनाफा, चेक करें लिस्टBonus Stocks: निवेशकों की मौज! अगले हफ्ते ये दो कंपनियां बाटेंगी बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटVedanta का महाप्लान: अगले 3 साल में $20 अरब का निवेश, अनिल अग्रवाल बोले- जोखिम उठाना मेरी आदत‘डिजिटल पेमेंट में एजेंटिक AI के लिए बने मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क’, NPCI प्रमुख दिलीप आसबे का बड़ा बयानमई में 49 लाख बैरल पहुंचा देश का क्रूड इंपोर्ट, रूस से तेल और अमेरिका से गैस का आयात रिकॉर्ड स्तर परसुप्रीम कोर्ट से रिलायंस को बड़ी राहत: SEBI का ₹447 करोड़ का वसूली आदेश रद्द, वापस मिलेंगे ₹250 करोड़

EMI वाले लोन पर फिक्स्ड ब्याज दर रखें बैंक और एनबीएफसी: RBI

Advertisement

आवास और वाहन ऋण के लिए नियत ब्याज दर योजनाओं की पेशकश अनिवार्य, उधारकर्ताओं को फ्लोटिंग से फिक्स्ड रेट बदलने का विकल्प मिलेगा

Last Updated- January 10, 2025 | 10:53 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों व गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को आवास ऋण और वाहन ऋण जैसे मासिक किस्त वाले कर्ज के लिए निश्चित रूप से नियत ब्याज दर (फिक्स्ड)वाली ऋण योजनाओं की पेशकश करनी चाहिए।

शुक्रवार को जारी अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (एफएक्यू) में नियामक ने कहा, ‘आरई को मासिक किस्त वाले व्यक्तिगत ऋण श्रेणी में अनिवार्य रूप से नियत ब्याज दर वाली ऋण योजनाएं पेश करनी चाहिए। कर्ज लेने वालों को आरई नियत दर का विकल्प चुनने की पेशकश कर सकती हैं, जैसा कि उनके बोर्ड ने ब्याज दरें तय करते समय नीति को मंजूरी दी हो।’

रिजर्व बैंक की परिभाषा के मुताबिक व्यक्तिगत ऋण में किसी व्यक्ति को दिया गया कंज्यूमर क्रेडिट, शिक्षा ऋण, स्थाई संपत्ति जैसे मकान आदि खरीदने के लिए दिए गए कर्ज और वित्तीय संपत्तियों जैसे शेयरों डिबेंचरों आदि में निवेश के लिए लिया गया ऋण शामिल है।

ऋणदाता नियत दर पर वाहन ऋण, असुरक्षित व्यक्तिगत ऋण मुहैया कराते हैं, लेकिन ज्यादातर बैंक और एनबीएफसी के पास आवास ऋण के लिए कोई स्थिर ब्याज दर वाली ऋण योजना नहीं है। रिजर्व बैंक ने ग्राहकों से कहा कि वे भी फ्लोटिंग ऋण से नियत दर के ऋण का विकल्प चुन सकते हैं। नियमन के दायरे में आने वाली इकाई को दिखाना जरूरी है कि बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के तहत ऋण की अवधि के दौरान उधारकर्ता कितनी बार बदलाव का विकल्प चुन सकता है। नियामक ने कहा कि विचार यह है कि उधार लेने वालों को फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज से फिक्स्ड रेट वाले कर्ज में जाने या इसके विपरीत विकल्प अपनाने का मौका मिल सके।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि लिया जाने वाला ब्याज आरई के बोर्ड द्वारा मंजूर किया हुआ होना चाहिए और उसे बैंकों को निर्देशों के साथ वेबसाइट पर दिखाना चाहिए।

Advertisement
First Published - January 10, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement