facebookmetapixel
Advertisement
टाटा समूह के दोहरे संकट से उठे नेतृत्व और नियंत्रण को लेकर बड़े सवालटाइटन और कल्याण ज्वैलर्स पर ब्रोकरेज बुलिश, ज्वैलरी रिटेल में वृद्धि जारी रहने की उम्मीदGDP की बहस छोड़िए, एथनॉल मिश्रित पेट्रोल पर बढ़ रही है भाजपा समर्थकों की नाराजगीEditorial: G20 शिखर सम्मेलन में सहमति नहीं, चीन-अमेरिका की नीतियों से बढ़ी मुश्किलडायरेक्ट प्लान का बढ़ा चलन, खुदरा निवेशकों का AUM चार गुना से ज्यादा बढ़ाGDP वृद्धि को लेकर 7.8 और 2.6 फीसदी की तुलना बेतुकी : करंदीकरपेंशन में सुनिश्चित रिटर्न का विकल्प लाने की तैयारी, PFRDA की वित्त मंत्रालय से चर्चाम्युचुअल फंड में खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी घटी, पैसिव फंडों में HNI बढ़ेNTPC ने परमाणु ऊर्जा के मसौदा नियमों में चार बड़े बदलावों की मांग कीनेपाल में बाढ़ से भारत का कारोबार प्रभावित, पर्यटकों ने रद्द कराई बुकिंग

कोविड से संपत्ति की गुणवत्ता की चिंता

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:27 AM IST

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने आशंका जताई है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के चलते खुदरा क्षेत्र में परिसंपत्ति की गुणवत्ता संबंधी तनाव देखने को मिल सकता है। बैंक के मुताबिक यह संभव है कि कुछ लोग कर्ज की किस्त समय पर अदा न कर पाएं।
एचडीएफसी बैंक के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन ने एक निवेशक वार्ता में कहा कि जिन कर्जदारों को पहली लहर के बाद ऋण की किस्त स्थगन या पुनर्गठन जैसे नियामक उपायों का लाभ उठाना पड़ा था, वे सबसे अधिक प्रभावित होंगे। जगदीशन ने कहा कि निकट भविष्य से बहुत अधिक उम्मीदें नहीं हैं और बैंक इन असाधारण समय में ‘सतर्क’ रहेगा। उन्होंने कहा, ‘इतने सालों में पहली बार ऐसा है कि जो होने वाला है, उस पर हमारी कोई पकड़ नहीं हो सकती।’
उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई ब्रोकरेज मैक्वेरी द्वारा आयोजित वार्ता में कहा, ‘हम कॉरपोरेट और एसएमई (छोटे और मध्यम उद्यमों) की ओर से संपत्ति की गुणवत्ता को लेकर अपेक्षाकृत रूप से आशावादी हैं, लेकिन खुदरा क्षेत्र या जिन लोगों ने पहली लहर के बाद ऋण की किस्त स्थगन या पुनर्गठन जैसे नियामक उपायों का सहारा लिया था, वे इस तरह के दर्द और तनाव को महसूस करते रहेंगे।’
जगदीशन ने कहा कि बैंक ने फील्ड स्टाफ को व्यावसायिक जरूरतों के मुकाबले स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा है, और इसलिए संग्रह में मंदी रहेगी, जिसके चलते निकट अवधि में किस्त अदायगी में चूक बढ़ सकती है।
उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन मैं यह नहीं कहना चाहता कि यह नाटकीय रूप से बहुत अधिक होगा। यह ज्यादा होगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह नुकसान होगा। आने वाली तिमाहियों में इनकी भरपाई हो जानी चाहिए।’ उन्होंने दो तिमाहियों में हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई।
 

Advertisement
First Published - May 25, 2021 | 9:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement