facebookmetapixel
Advertisement
आईटी सेक्टर से म्युचुअल फंड्स का भरोसा घटा, होल्डिंग 8 साल के निचले स्तर पर; AI से बढ़ी चिंता SME IPO बाजार में उछाल, मई में बढ़ी लिस्टिंग; छोटे इश्यूज ने दिखाई मजबूती SpiceJet को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कलानिधि मारन केस में ₹144 करोड़ जमा के लिए समय बढ़ाने से इनकारBoeing के फ्यूल-कंट्रोल स्विच की जांच तेज, भारतीय अधिकारी सिएटल में करेंगे परीक्षण की निगरानीPharmEasy की पेरेंट कंपनी एपीआई होल्डिंग्स का नया फॉर्मूला: पहले मुनाफा, फिर ग्रोथरुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: लगातार सातवें दिन गिरावट के साथ 96.53 प्रति डॉलर पर बंद हुई भारतीय मुद्राक्विक कॉमर्स को बड़ी राहत की तैयारी: डार्क स्टोर और गोदामों के लिए आसान होंगे GST पंजीकरण के नियमवेतन बढ़ोतरी में कटौती और सस्ती ब्याज दरों से कंपनियों की बल्ले-बल्ले, Q4 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मुनाफाPepsiCo India का बड़ा दांव: 2030 तक क्षमता विस्तार पर ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी कंपनीसाल 2032 तक $15 अरब की होगी हर IPL टीम, NFL को मिलेगी टक्कर; हुरुन इंडिया की रिपोर्ट में दावा

MP: चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार

Advertisement

MP Elections 2023: मंत्रिमंडल में तीन नये मंत्रियों को शामिल किया गया है, इन्हें शनिवार सुबह राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शपथ दिलाई।

Last Updated- August 26, 2023 | 1:13 PM IST
MP cabinet

MP Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों से करीब तीन महीने पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है। मंत्रिमंडल में तीन नये मंत्रियों को शामिल किया गया है, इन्हें शनिवार सुबह राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शपथ दिलाई। नये मंत्रियों में महाकौशल और विंध्य के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन और राजेंद्र शुक्ला के अलावा बुंदेलखंड के राहुल लोधी शामिल हैं।

गौरीशंकर बिसेन और राजेंद्र शुक्ला को अपने-अपने क्षेत्र के सबसे बड़े नेताओं में गिना जाता है और 2018 के विधानसभा चुनावों में विंध्य इलाके में भारतीय जनता पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय भी राजेंद्र शुक्ला को दिया जाता है लेकिन विभिन्न समीकरणों के चलते उन्हें इस सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया था।

यह भी पढ़ें : MP ने शुरू की अनूठी रोजगार योजना

मंत्रिमंडल विस्तार पर तंज करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुखिया कमल नाथ ने कहा, ‘ये मंत्रिमंडल नहीं, भ्रष्टाचार की मित्रमंडली का विस्तार है।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘जब कार्यकाल हो रहा है समाप्त और गिरने वाली है सरकार, तब मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल का हो रहा है विस्तार। विदाई के समय स्वागत गीत गाने वाली भाजपा सरकार अब विस्तार क्या, पूरा मंत्रिमंडल भी बदल दे तो भी हार निश्चित है।’

राजनीतिक विश्लेषक साजी थॉमस इस मंत्रिमंडल विस्तार को जातीय संतुलन की मजबूरी करार देते हैं। थॉमस कहते हैं, ‘मौजूदा मंत्रिमंडल में लोधी समाज का एक भी विधायक मंत्री नहीं बनाया गया था। उमा भारती भी शराबबंदी को लेकर लगातार शिवराज सिंह की सरकार को कठघरे में खड़ा करती रही हैं। वह कई बार इस मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन नहीं होने की बात खुलकर कह चुकी हैं।’

थॉमस के मुताबिक 2018 के चुनाव में विंध्य में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सभी समीकरण सही न बैठने के कारण राजेंद्र शुक्ला को मंत्री नहीं बनाया गया था। इस बार पार्टी की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट एंटी- इन्कम्बेंसी की बात कर रही है इसलिए विंध्य के ब्राह्मण और सवर्ण मतदाताओं को साधने के लिए शुक्ला को मंत्री बनाया गया है। वहीं बिसेन को पार्टी का बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाता है।

यह भी पढ़ें : MP: उड़ान भरने को तैयार एग्रीकल्चर ड्रोन

Advertisement
First Published - August 26, 2023 | 11:46 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement