वाणिज्य और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय जल्द ही लैपटॉप और अन्य आईटी हार्डवेयर उत्पादों के लिए भारत की आयात प्रबंधन प्रणाली (आईएमएस) के भविष्य पर चर्चा शुरू करेंगे। इसकी समयसीमा में करीब एक महीने का समय बचा है।
आईएमएस की शुरुआत दो वर्ष पूर्व नवंबर 2023 में थी। यह लेपटाप, टेबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर के आयात की खेप पर निगरानी करने के लिए शुरू की गई थी। यह मौजूदा प्रणाली 31 दिसंबर, 2025 तक लागू है। उस वक्त सरकार ने कहा था कि निगरानी प्रणाली को आईटी हार्डवेयर उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और अंततः चीन पर निर्भरता को कम करने के लिए शुरू किया गया था।
आईटी हार्डवेयर की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत कितना उत्पादन हो रहा है, इस पर फैसला निर्भर करेगा। दरअसल, कम से कम दो वैश्विक दिग्गजों अप्रैल 2025 के बाद से भारत में उत्पादन शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
भारत के लिए अन्य महत्त्वपूर्ण कारक इस सिस्टम के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका के नजरिये को ध्यान में रखना होगा। भारत को आयात प्रबंधन प्रणाली की घोषणा के बाद अमेरिका के अलावा अन्य संबंधित साझेदारों के बाद अत्यधिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।