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मई में भी मजबूत मांग से दौड़ता रहा सेवा क्षेत्र

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‘मजबूती की प्रमुख वजह निर्यात है। आंकड़े साढ़े 19 साल से इकट्ठे किए जा रहे हैं और इस बार सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने मांग में सबसे ज्यादा मजबूती बताई है।’

Last Updated- June 04, 2025 | 11:27 PM IST
आर्थिक तरक्की के रास्ते में चुनौतियां Challenges in the way of economic progress
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

निर्यात के मोर्चे पर मजबूत मांग के कारण मई में भी भारत का सेवा क्षेत्र बढ़ता रहा और रिकॉर्ड भर्तियां की गईं। एसऐंडपी ग्लोबल का एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में 58.8 पर पहुंच गया, जो अप्रैल के 58.7 से मामूली अधिक है। सूचकांक 50 के ऊपर रहने का अर्थ गतिविधियों में बढ़ोतरी है और 50 से नीचे आने का मतलब गतिविधियां सुस्त पड़ना है। इसमें पिछले 46 महीनों से बढ़ोतरी ही हो रही है।

एसऐंडपी ग्लोबल के सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘मजबूती की प्रमुख वजह निर्यात है। आंकड़े साढ़े 19 साल से इकट्ठे किए जा रहे हैं और इस बार सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने मांग में सबसे ज्यादा मजबूती बताई है।’ मजबूत मांग और नए ग्राहकों तथा कर्मचारियों की बेहतर क्षमता से वृद्धि को बल मिला है। नए ऑर्डर भी तेजी से बढ़े हैं। सर्वेक्षण में कहा गया कि विज्ञापन, टिकाऊ मांग और पुराने ग्राहकों से फिर ऑर्डर मिलने के कारण बिक्री बढ़ी है।

एचएसबीसी में चीफ इंडिया इकनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि मई में पीएमआई मोटे तौर पर हाल के महीनों की तरह ही रहा।

 वृद्धि का स्रोत पूछे जाने पर फर्मों ने एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका का नाम खास तौर पर लिया है।’ सर्वेक्षण में शामिल करीब  16 प्रतिशत लोगों ने कहा कि स्थायी कर्मचारियों की भर्ती बढ़ी है मगर 1 प्रतिशत ने कमी आने की बात कही।

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First Published - June 4, 2025 | 11:00 PM IST

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