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मई में सेवा क्षेत्र में आई गिरावट

Last Updated- December 12, 2022 | 4:02 AM IST

भारत के सेवा क्षेत्र में गतिविधियां  8 महीने में पहली बार संकुचित हुई हैं। एक निजी सर्वे में आज कहा गया है कि महामारी के प्रसार के बाद राज्यों द्वारा प्रतिबंध ने और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में गिरावट, मांग कम होने की वजह से सेवा गतिविधियां सुस्त पड़ गईं। 
आईएचएस इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स मई महीने में घटा है और पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में गिरकर 46.4 पर आ गया, जो अप्रैल में 54 था। सूचकांक का 50 अंक विस्तार और संकुचन को अलग करता है। इसमें यह ध्यान रखने की बात है कि पीएमआई पिछले महीने की तुलना में बदलाव के संकेत देता है, न कि पिछले साल की तुलना में। 
आईएचएस मार्किट की प्रधान अर्थशास्त्री पोलियाना डी लीमा ने कहा, ‘माह की शुरुआत में जारी पीएमआई के आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माण गतिविधियों में सुस्ती रही, जबकि सेवा क्षेत्र के ऊपर महामारी का असर साफ है।’  लीमा के मुताबिक कोविड-19 संकट की तीव्रता और इसके चलते लागू प्रतिबंधों ने भारतीय सेवा क्षेत्र के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को कम कर दिया। कुल बिक्री 8 महीनों में पहली बार घटी, जबकि बाहरी ऑर्डर में गिरावट पिछले साल नवंबर के बाद सबसे अधिक थी। इस सप्ताह की शुरुआत में विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़ों से पता चला था कि मई में यह गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। सेवा और विनिर्माण की भारत के  सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अहम भूमिका होती है, जिनमें नौकरियों में कटौती चल रही है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि प्रभावित हो सकती है। संकुचन के बारे में सर्वे में कहा गया है कि मई महीने में नए काम में वृद्धि ठहर गई और कंपनियों की बिक्री में सितंबर, 2020 के बाद पहली बार गिरावट आई। सर्वे में करीब 400 कंपनियां हिस्सा लेती हैं, जिससे संकेत मिलते हैं कि कोविड संकट के बढऩे पर मांग में कमी आई थी। 
भारत की सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग की स्थिति भी खराब हुई और नए निर्यात कारोबार में 6 महीने में सबसे तेज गति से गिरावट आई है। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंधों व कारोबार बंद रहने के कारण आई है। 
नौकरियों के मामले में सर्वे में कहा गया है महामारी से संबंधित चिंताएं और सेवा कंपनियों में बिक्री कम होने की वजह से मई महीने में कार्यबल कम किया गया है। यह गिरावट कम थी, लेकिन छंटनी के हिसाब से 6 महीनों में सबसे तेज थी। 
जिन 5 क्षेत्रों की निगरानी की गई, उनमें रियल एस्टेट सबसे ज्यादा प्रभावित है। इनके नए कारोबार और आउटपुट में तेज गिरावट आई है। 
सेवा प्रदाताओं ने कहा कि अर्थव्यवस्था खुलने के साथ चालू वित्त वर्ष में कारोबारी गतिविधियों में तेजी आएगी ।
 लीमा ने कहा, ‘नए कारोबार में गिरावट को देखते हुए कंपनियों ने पेरोल की संख्या कम की है, जो 7 महीनों में सबसे ज्यादा है। ‘

First Published - June 3, 2021 | 11:50 PM IST

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