लोकसभा में अपना पांचवा बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बजट में आम आदमी का पूरा ख्याल रखा गया है। प्रवासी मजदूरों को लेकर बनने वाले पोर्टल पर वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी में जिस […]
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‘यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (USISPF) ने मंगलवार को कहा कि भारत के इस साल के वार्षिक बजट को उसके आर्थिक दृष्टिकोण के अनुरूप विकासोन्मुखी होना चाहिए। यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि मौजूदा बजट को भारत के आर्थिक दृष्टिकोण के अनुरूप विकासोन्मुखी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जी20 के अध्यक्ष के […]
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वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि जनवरी में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘जनवरी 2023 में 31 तारीख को शाम पांच बजे तक सकल जीएसटी राजस्व 1,55,922 करोड़ रुपये […]
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आज संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2022-23 में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023 ग्रामीण वेतन में वास्तविक वृद्धि (नवंबर 2022 तक) नकारात्मक रही है। इसकी वजह बढ़ी हुई महंगाई है। इसमें उम्मीद जताई गई है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों के दाम कम होने और घरेलू स्तर पर खाद्यान्न की कीमत घटने से […]
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आर्थिक समीक्षा 2022-23 में कहा गया है कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और सस्ती बनाने के लिए केंद्र व राज्यों का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर व्यय धीरे धीरे बढ़ाकर 2025 तक सकल घरेलू उत्पाद के 2.5 फीसदी के बराबर करने की जरूरत है। आर्थिक समीक्षा में पंद्रहवें वित्त आयोग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 का […]
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वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत का चालू खाते का घाटा बढ़कर जीडीपी के 3.3 फीसदी पर भले ही पहुंच गया हो, पर सस्ता कच्चा तेल, सेवाओं के शुद्ध निर्यात व विदेश से धन प्रेषण में सुदृढ़ता के चलते वित्त वर्ष 23 की बाकी अवधि में चालू खाते का घाटा सीमा के भीतर रहने […]
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शहरी और ग्रामीण दोनो इलाकों में श्रम बाजार कोविड-19 के पहले के स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2022-23 के मुताबिक आपूर्ति और मांग दोनों मामलों में यह अब महामारी के पहले के स्तर पर है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा कराए गए आवधिक श्रम […]
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वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की जीडीपी 6-6.8 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान है। मंगलवार को जारी 2022-23 के आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी दी गई है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई समीक्षा में कहा गया है, ‘महामारी के कारण […]
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भारतीय अर्थव्यवस्था पर बाहरी झटकों की मार जैसे ही कम होगी वैसे ही उसे नरेंद्र मोदी सरकार के दो कार्यकाल में अब तक किए गए सुधारों का फायदा मिलने लगेगा। वित्त वर्ष 2022-23 की आर्थिक समीक्षा (Economic Survey) में यह भरोसा जताया गया है। मगर समीक्षा में आगाह किया गया है कि वैश्विक मांग घटने […]
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इकोनॉमिक सर्वे (आर्थिक समीक्षा) में कहा गया है कि भारत में मुद्रास्फीति (Inflation) में तेजी आने का जोखिम दूर हो गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में महंगाई की चुनौती बीते वर्ष के मुकाबले कम चिंताजनक रहने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 6.7 प्रतिशत, और अगले वित्त […]
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