facebookmetapixel
Advertisement
EPFO का कंपनियों को बड़ा मौका, बिना सरकारी मंजूरी वाले PF ट्रस्ट को वैलिड करने के लिए आई नई योजनाकतर को दुनिया का सबसे अमीर देश बनाने वाले शेख हमद बिन खलीफा का निधन, तख्तापलट कर संभाली थी सत्ताविदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार में लौटा भरोसा, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15,157 करोड़ के स्टॉक्सबदल रहा है चीन और अमेरिका का कूटनीतिक दबदबा, क्या इंडो-पैसिफिक का खेल पलट देगा भारत?IMD Weather Alert: उत्तराखंड से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन दिल्ली वालों को नसीब नहींक्या 60 की उम्र के बाद भी जरूरी है लाइफ इंश्योरेंस? 90 साल की उम्र और 30 साल के खर्च का समझें गणितहोर्मुज को ईरान ने फिर किया बंद, तो अमेरिका ने कई ईरानी शहरों पर बरसाए बम; ट्रंप ने खत्म किया सीजफायरवॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्दे

India Ratings: बड़ा झटका ! इस साल घर खरीदना होगा और महंगा

Advertisement
Last Updated- March 28, 2023 | 3:25 PM IST
India Ratings: Big shock! Buying a house this year will be more expensive

Home prices Rise: चालू वित्त वर्ष में घरों की कीमतें 8-10 फीसदी तक बढ़ी हैं और 2023-24 के दौरान इनमें और पांच फीसदी की वृद्धि हो सकती है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने मंगलवार को यह अनुमान लगाया है।

रेटिंग एजेंसी ने 2023-24 के लिए आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र के परिदृश्य को संशोधित करते हुए ‘सुधार’ से बदलकर ‘तटस्थ’ कर दिया। उसने एक बयान में कहा, ‘ऊंची निर्माण लागत, बढ़ती आवास ऋण दरें और घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर मंदी के बावजूद आवासीय रियल एस्टेट बाजार में 2022-23 में तेजी बरकरार रही है (रियल एस्टेट के शीर्ष आठ क्षेत्रों के लिए सालाना आधार पर बिक्री में 15 प्रतिशत की वृद्धि)।’

इसमें कहा गया कि मंदी और मुद्रास्फीति संबंधी दबावों से निकट भविष्य में मांग कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है लेकिन ऐसी उम्मीद है कि बाजार दबाव को झेल लेगा।

एजेंसी ने कहा कि मांग में वृद्धि भी हो सकती है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कहा, ‘2022-23 में सालाना आधार पर संपत्ति के दामों में 8-10 फीसदी की वृद्धि हुई है, 2023-24 में इसमें और पांच फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।’

उसने कहा कि 2021-22 में आवास बिक्री के पीछे मुख्य वजह इनके कम दाम रहे हैं। हालांकि, मुद्रास्फीति बढ़ने और रीपो दरों में वृद्धि से किफायती श्रेणी के घरों में मांग 2022-23 में कुछ प्रभावित हुई।

Advertisement
First Published - March 28, 2023 | 3:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement