facebookmetapixel
Advertisement
Technical Picks: अगले 3-4 हफ्तों में ये 3 शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई, 21% तक तेजी की उम्मीदMaruti की 50% मार्केट शेयर पर नजर, Brezza और EV पर बड़ा दांव; ब्रोकरेज बोले- 20% तक आ सकती है तेजीकमजोर नहीं, देर से संभला मॉनसून! अगस्त-सितंबर की बारिश बदल सकती है पूरे साल की तस्वीरManufacturing PMI: जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग PMI गिरकर 53.5 पर, करीब 5 साल के निचले स्तर पर पहुंची फैक्ट्री गतिविधियांManipal Health Enterprises IPO Allotment: आज जारी होगा शेयर अलॉटमेंट, ऐसे करें स्टेटस चेक; जानें लेटेस्ट GMP और लिस्टिंग की उम्मीद2030 के बाद Tata Steel का कच्चा माल कहां से आएगा? कंपनी ने खोला पूरा प्लान, शेयर पर कितना है टारगेटअलविदा ग्लास्गो, अब अहमदाबाद की बारी… भारत को मिली राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की बैटनStock Market Today: सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 24,550 के पार; जानें बाजार में तेजी की बड़ी वजहईरान पर हमला टलते ही रुपये को मिला बूस्ट, डॉलर के मुकाबले 31 पैसे की बड़ी छलांगतीन तेल कंपनियों ने बिगाड़ा 211 कंपनियों का रिजल्ट, इनके बिना मुनाफा 17% बढ़ा

मार्च तिमाही में बढ़ी, पूरे साल घटी

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:11 AM IST

कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पहले जनवरी-मार्च 2021 तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे थे। मार्च 2021 तिमाही में सकल मूल्य वद्र्घन (जीवीए) 3.7 फीसदी बढ़ा था। लेकिन पूरे वित्त वर्ष 2021 की बात करें तो जीवीए में 6.2 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि यह पहले के 6.5 फीसदी संकुचन के अनुमान से थोड़ा बेहतर है। मार्च 2021 तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.6 फीसदी की वृद्घि देखी गई लेकिन पूरे वित्त वर्ष में इसमें 7.3 फीसदी की गिरावट आई है।
मार्च 2021 तिमाही में जीवीए में सुधार ऐसे समय में आया जब कोविड-19 के मामले कम थे लेकिन इसके बाद से संक्रमण में फिर से तेजी आ गई। ऐसे में वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्घि प्रभावित हो सकती है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमणयन ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए महामारी के प्रसार पर काबू पाने की सख्त जरूरत है और इसके लिए टीकाकरण में तेजी लानी चाहिए और कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘2020-21 की दूसरी छमाही में सरकार द्वारा खर्च बढ़ाने से जीडीपी वृद्घि में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था।’ चौथी तिमाही में जीडीपी में सुधार थोड़ा चकित करता है क्योंकि नॉमिनल जीडीपी 8.7 फीसदी बढ़ा जो 2019-20 की दूसरी और तीसरी तिमाही से भी ज्यादा है।
निर्माण गतिविधियों में सुधार जरूरत चकित करता है। निर्माण क्षेत्र में वास्तविक सकल मूल्य वद्र्घन बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 14.5 फीसदी बढ़ा, जो अक्टूबर-दिसंबर 2021 तिमाही में 6.5 फीसदी की दर से बढ़ा था। अधिकतम रोजगार देने वाले इस क्षेत्र की वृद्घि वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में सबसे ज्यादा घटी थी क्योंकि उस समय संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया था। भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन ने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि लॉकडाउन के दौरान जो परियोजनाएं अटकी हुईं थीं, उसमें बाद में तेजी आई। उन्होंने कहा, ‘अगर नया निवेश नहीं आया है तो विनिर्माण की प्रस्तावित योजना कम होगी और इससे वित्त वर्ष 2022 की दूसरी और तीसरी तिमाही में निवेश पर असर पड़ेगा।’ मार्च 2021 तिमाही में स्थिर पूंजी निर्माण 10.6 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान विनिर्माण जीवीए भी सुधरा और चौथी तिमाही में 11 फीसदी बढ़ा।

Advertisement
First Published - May 31, 2021 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement