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बिजली उत्पादन स्थिर मगर आवागमन बढ़ा

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:07 AM IST

आर्थिक गतिविधियों के साप्ताहिक संकेतकों ने पिछले सप्ताह सुधार के कुछ संकेत दिए हैं, हालांकि गत सप्ताह कोविड-19 के नए मामलों में इजाफा नजर आया है। बिजली उत्पादन वर्ष 2019 के स्तर से ऊपर रहा, लेकिन साप्ताहिक आधार पर यह स्थिर और वर्ष 2020 की इसी अवधि के उत्पादन के बराबर रहा। रेलवे के आंकड़े वर्ष 2020 के स्तर से अधिक रहे, लेकिन लाभ में लगातार तीसरे सप्ताह कमी आई है। आवागमन में सुधार के कुछ संकेत दिखाई दिए हैं। कोविड-19 के लॉकडाउन की तुलना में पिछले सप्ताह यातायात और उत्सर्जन जैसे अन्य संकेतकों में भी इजाफा हुआ है।
साप्ताहिक आधार पर बिजली उत्पादन में मामूली गिरावट रही, क्योंकि देश के कई हिस्सों में मॉनसून की भारी बारिश हो रही है, जिससे ठंडक और सिंचाई के लिए बिजली की मांग में कम आ रही है। महाराष्ट्र जैसे आर्थिक रूप से प्रमुख राज्यों में खरीदारी के सीमित घंटों को भी कुछ कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। रविवार 1 अगस्त को समाप्त होने वाले सप्ताह में सात दिनों के क्रमिक औसत आधार पर देश में 389 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जो पिछले सप्ताह से एक प्रतिशत कम है। नवीनतम सप्ताह के आंकड़े वर्ष 2019 के इसी सप्ताह के मुकाबले 6.9 प्रतिशत अधिक हैं तथा वर्ष 2020 के इस सप्ताह के उत्पादन के बराबर हैं। वर्ष 2019 में इस सप्ताह के दौरान बिजली की मांग में तेज गिरावट आई थी। वर्ष 2019 का उपयोग आधार वर्ष के लिए किया जाता है, क्योंकि यह देश में कोविड-19 का प्रकोप होने से पहले का पूर्ववर्ती वर्ष है।
पिछले सप्ताह लोगों के आवागमन में सुधार हुआ है, क्योंकि पहले से ज्यादा लोग अपने कार्यस्थल गए, लेकिन खुदरा और मनोरंजन संबंधी यात्राओं में गिरावट आई तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग साप्ताहिक आधार पर अपरिवर्तित रहा। हालांकि कुल मिलाकर ऐसी यात्राओं का स्तर वर्ष 2019 से कम रहा। कार्यस्थलों पर आना-जाना तकरीबन 82 प्रतिशत स्तर पर लौट चुका है, हालांकि ट्रांजिट स्टेशनों का उपयोग वर्ष 2019 की तुलना में 88 प्रतिशत स्तर पर है। यह सर्च इंजन गूगल के आवागमन के आंकड़ों पर आधारित है, जो स्थान की गोपनीयता के आंकड़ों के आधार पर लोगों के आवागमन पर नजर रखता है। ये आंकड़े कुछ अंतराल के बाद जारी किए जाते हैं। नवीनतम आंकड़े 28 जुलाई तक के है। किराना और फार्मेसी संबंधी यात्राओं समेत जरूरी खरीदारी सामान्य से 19 प्रतिशत अधिक रही है, जबकि खुदरा और मनोरंजन संबंधी यात्राओं में अब भी 24.4 प्रतिशत की गिरावट है। साप्ताहिक आधार पर यातायात की भीड़-भाड़ में इजाफा हुआ है। इस लिहाज से पिछले सप्ताह दिल्ली में मुंबई के मुकाबले ज्यादा भीड़-भाड़ नजर आई। नई दिल्ली में यातायात अब 83 प्रतिशत सामान्य स्तर पर लौट आया है, जबकि मुंबई में यह 69 प्रतिशत स्तर पर लौटा है। साप्ताहिक आधार पर इन दोनों ही आंकड़ों में इजाफा हुआ है। यातायात की भीड़-भाड़ के ये आंकड़े स्थिति की जानकारी देने वाली वैश्विक प्रौद्योगिकी फर्म टॉमटॉम इंटरनैशनल के आंकड़ों पर आधारित हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले सप्ताह दिल्ली और उसके उपनगरों की सड़कों पर मुंबई की सड़कों की तुलना में यातायात की अधिक भीड़-भाड़ रही।
रेलवे की माल ढुलाई वर्ष 2020 के समान सप्ताह के मुकाबले दो अंकों में इजाफा दिखा रही है, लेकिन पिछले सप्ताह इस इजाफे में गिरावट आई है। इसके लिए अधिक आधार के असर को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। भारतीय रेलवे ने रविवार 1 अगस्त को समाप्त होने वाले सप्ताह के दौरान सालाना आधार पर 9.9 प्रतिशत अधिक माल ढुलाई (टन के लिहाज से) की, जो एक सप्ताह पहले की तुलना में 12.4 प्रतिशत की बढ़त से कम रहा है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओएक्स) के उत्सर्जन पर भी निगाह रखता है। निजी और वाणिज्यिक वाहनों को शक्तिप्रदान करने वाले पट्रोल-डीजल के इंजनों तथा उद्योगों से विभिन्न प्रकार की नाइट्रस गैस (एनओएक्स) उत्सर्जित होती हैं। मार्च और अप्रैल 2020 में तथा इस साल फिर अप्रैल और मई के दौरान देश में लॉकडाउन के कारण उत्सर्जन में गिरावट आई थी। पिछले सप्ताह दिल्ली का उत्सर्जन सात दिनों के क्रमिक औसत के आधार पर वर्ष 2019 के स्तर से 26 प्रतिशत अधिक था। हालांकि मुंबई में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले सप्ताह देश की वाणिज्यिक राजधानी में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन वर्ष 2019 के इसी सप्ताह के उत्सर्जन की तुलना में दोगुने से भी अधिक (110 प्रतिशत) रहा था, जो वाहनों और औद्योगिक गतिविधि के अधिक स्तर का संकेत देता है।

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First Published - August 4, 2021 | 11:30 PM IST

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