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Crude oil: 9 साल बाद भारत के कच्चे तेल आयात में ओपेक की हिस्सेदारी बढ़ी, रूस की हिस्सेदारी घटी

रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद आपूर्ति में कमी की आशंका, भारत का तेल आयात 2024 में 4.3% बढ़कर 48.4 लाख बैरल प्रतिदिन हुआ।

Last Updated- January 17, 2025 | 10:55 PM IST
India's import of Russian oil drops in Nov to lowest level since June 2022 छूट में कमी के बाद नवंबर में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात घटा

भारत के कच्चे तेल में ओपेक की हिस्सेदारी 2024 में बढ़ी है। व्यापार से जुड़े सूत्रों से मिले आंकड़ों के मुताबिक शीर्ष आपूर्तिकर्ता रूस की हिस्सेदारी में गिरावट के बाद 9 साल में पहली बार ओपेक की हिस्सेदारी बढ़ी है। भारत के कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी 2025 में और गिरने की संभावना है, क्योंकि पिछले शुक्रवार को अमेरिका ने रूसी उत्पादकों और टैंकरों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

इससे विश्व के दूसरे बड़े उत्पादक की भारत और चीन को आपूर्ति कम हो जाएगी। आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में भारत ने 48.4 लाख बैरल रोजाना तेल का आयात किया है, जो इसके पहले साल की तुलना में 4.3 प्रतिशत ज्यादा है।

2024 में भारत के कच्चे तेल के आयात में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 51.5 प्रतिशत हो गई है, जो 2023 के 49.6 प्रतिशत की तुलना में ज्यादा है। रूस की हिस्सेदारी 2024 में गिरकर 36 प्रतिशत रह गई है।

First Published - January 17, 2025 | 10:55 PM IST

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