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अक्टूबर में ऋण की रफ्तार सुस्त

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:49 PM IST

इस साल अक्टूबर में पिछले साल के अक्टूबर के मुकाबले उद्योग जगत के ऋण में 1.7 फीसदी की कमी आई जबकि पर्सनल लोन की रफ्तार भी सुस्त दिखी। बैकों ने बड़े उद्योगों को ऋण देने में सख्ती बरती जबकि मझोले उद्योगों के ऋण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। महीने के दौरान बड़े उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण में 2.9 फीसदी की कमी आई लेकिन मझोले उद्यमों के ऋण में 16.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। उद्योग श्रेणी के ऋण में अक्टूबर 2019 में 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।
कृषि एवं कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए ऋण वृद्धि अक्टूबर 2020 के दौरान बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई जो अक्टूबर 2019 में 7.1 फीसदी रही थी। जबकि इस दौरान पर्सनल लोन में वृद्धि की रफ्तार घटकर 9.3 फीसदी रह गई जो अक्टूबर 2019 में 17.2 फीसदी रही थी। आरबीआई ने एक बयान में कहा है, ‘इस क्षेत्र में वाहन ऋण ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा, अक्टूबर 2020 में इसकी वृद्धि रफ्तार 8.4 फीसदी रही जो अक्टूबर 2019 मेंं 5.0 फीसदी रही थी।’

टीकेएम संयंत्र में हड़ताल जारी
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) के कामगारों और प्रबंधन के बीच गतिरोध जारी है। हड़ताली कर्मचारियों ने काम के अधिक बोझ का उल्लेख किया है लेकिन कंपनी का कहना है कि एक पुराने कर्मचारी के निलंबन के कारण यह हड़ताल की गई है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि एक अनुकूल माहौल में बातचीत की जा सकती थी। टीकेएम की मुख्य उत्पादन इकाई में मामूली कर्मियों के साथ उत्पादन किया जा रहा है जहां रोजाना 100 से कम वाहनों का उत्पादन हो रहा है। जबकि आमतौर पर वहां 450-500 वाहनों का रोजाना उत्पादन होता था। टीकेएम ने कहा है कि वह फैक्टरी एवं डीलरों के यहा मौजूद स्टॉक के जरिये बाजार की मांग को पूरा करने में समर्थ है। टीकेएम कर्मचारी संघ (टीकेएमईयू) के संयुक्त सचिव एमएन गंगाधर ने कहा कि श्रमिकों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को निलंबित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने काम के अधिक बोझ को लेकर सवाल उठाया था। प्रबंधन ने इसे अनुशासनहीता बताया है।  बीएस

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First Published - November 27, 2020 | 8:49 PM IST

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