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इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में बूम, दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर बना भारत, 7500 फीसदी बढ़ा एक्सपोर्ट

मोबाइल इंडस्ट्री को वित्त वर्ष 2024 में यह अनुमान बढ़कर 1.2 लाख करोड़ हो जाने की उम्मीद है यानी एक दश में इसमें 7500 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Last Updated- March 08, 2024 | 10:00 AM IST
smartphone exports

देश की इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री ने इस समय धूम मचाई है। करीब दस साल पहले देश की इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री ने जो टारगेट सेट किया था उसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बारे में जानकारी सामने आई है, इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) की रिपोर्ट में, जिसमे कहा गया है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर बन गया है।

ICEA की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने 10 सालों के दौरान 4.1 लाख करोड़ रुपये के कुल 2.45 अरब मोबाइल फोन बनाए। वहीं अगर करीब दस साल पहले के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2014-15 में यह आंकड़ा महज 18,900 करोड़ रुपये था।

बता दें, इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन, एपल, शाओमी, ओप्पो, वीवो, लावा आदि कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।

10 साल में तेजी से बढ़ा एक्सपोर्ट

एसोसिएशन का कहना है कि भारत का यह सेक्टर आज से दस साल पहले यानी 2014 में जहां 78 पर्सेंट इंपोर्ट पर निर्भर था, वहीं अब यह फिलहाल 97 पर्सेंट तक आत्मनिर्भर हो गया है। इंडस्ट्री ने अगले 10 वर्षों में 20 लाख करोड़ का टारगेट तय किया था और 19.45 लाख करोड़ के कुल प्रोडक्शन का लक्ष्य हासिल किया।

यह भी पढ़ें: FY24 में करीब 8 प्रतिशत रहेगी वृद्धि दर, Moody’s ने कैपेक्स और जबरदस्त घरेलू मांग की वजह से किया संशोधन

कितना हुआ एक्सपोर्ट

वित्त वर्ष 2014-15 में भारत से मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट सिर्फ 1,556 करोड़ रुपये था। मोबाइल इंडस्ट्री को वित्त वर्ष 2024 में यह अनुमान बढ़कर 1.2 लाख करोड़ हो जाने की उम्मीद है यानी एक दश में इसमें 7500 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

आंकडो़ं के अनुसार साल 2014-24 के दौरान एक्सपोर्ट बढ़कर 3.22 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ICEA का कहना है कि एक्सपोर्ट में आई इस तेज ग्रोथ की वजह से ही मोबाइल फोन भारत की 5वीं सबसे बड़ा एक्सपोर्ट कमोडिटी बन गई है।

First Published - March 8, 2024 | 10:00 AM IST

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