हमारे पास पर्याप्त जोखिम पूंजी है : बिखचंदानी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:13 PM IST

इन्फोएज के संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष संजीव बिखचंदानी का कहना है कि उनकी कंपनी ने पिछले 14 वर्षों में स्टार्टअप में केवल 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है, उसने अपने परिचालन वाले कारोबारों की अनदेखी नहीं की है तथा वह उद्यम पूंजी कारोबार चलाने के लिए केवल कुछ ही कर्मचारी लगाती है।
उन्होंने कहा ‘कंपनी द्वारा निवेश में लागत पर लगाई गई पूंजी पिछले 14 वर्षों में केवल 1,500 करोड़ रुपये रही है। ऐसा नहीं है कि हमने बहुत अधिक निवेश किया है, बस इतना है कि हमने जोमैटो और पॉलिसी बाजार में दो जोरदार नजीते हासिल कर लिए हैं, जिनमें हमने दशकों से निवेश किया है। इसलिए यह काफी दिखता है। हमारे पास बैंक में भी 4,000 करोड़ रुपये हैं।’
बिखचंदानी कुछ विशेषज्ञों द्वारा सार्वजनिक रूप से जताई गई उन चिंताओं पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि उसे जोमैटो में अपनी और हिस्सेदारी (जो पॉलिसी बाजार के साथ आईपीओ के जरिये हुई थी, जिसका पेशकश मूल्य के भारी प्रीमियम पर कारोबार किया जा रहा है) बेच देनी चाहिए ताकि वह अधिक जोखिम पूंजी सृजित कर सके।
तर्क यह था कि जोमैटो के लिए इन्फोएज केवल एक ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) बनने के बजाय सफल उपक्रमों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। एक खुले पत्र में इन्फिना फाइनैंस के प्रबंध निदेशक वेंकट सुब्रमण्यम ने बिखचंदानी को जोमैटो में अपनी हिस्सेदारी कम करने और कंपनी को जोखिम मुक्त करने के लिए कहा है।
जवाब में बिखचंदानी ने कहा कि उन्होंने सभी प्रतिक्रियाओं को गंभीरता से लिया है, लेकिन असली मुद्दा अलग है। उन्होंने कहा ‘असली मुद्दा यह है कि अगर हम प्रबंधन और इसकी 10 साल की विकास गाथा में विश्वास रखते हैं, तो हमारे पास पर्याप्त जोखिम पूंजी है। इसके अलावा जोमैटो और पॉलिसी बाजार के शेयर क्रमश: जुलाई और अक्टूबर-नवंबर तक लॉक्ड इन हैं। बोर्ड यह तय करेगा कि हम निकलेंगे या नहीं। लॉक इन होने की वजह से इस पर चर्चा नहीं की गई है।’ उन्होंने कहा कि लेकिन उनका अपना व्यक्तिगत झुकाव यह है कि इन दोनों कंपनियों की लंबी अवधि वाली विकास गाथा।
बिखचंदानी ने यह भी कहा कि 4,500 से अधिक लोग इन्फोएज के लिए काम करते हैं और 10 को छोड़कर बाकी सभी लोग परिचालन वाले कारोबार में शामिल हैं, जबकि आठ से 10 अन्य लोग निवेश वाले कारोबार में लगे हुए है। बिखचंदानी ने कहा कि ‘नौकरी’ कारोबार में एक प्रमुख अगुआ है और इसकी तिमाही बहुत अच्छी थी। मैट्रीमॉनी डॉट कॉम तीसरे स्थान पर है और हम इस पर काम कर रहे हैं, क्योंकि यह एक चुनौती बनी हुई है और पैसा गंवा रही है। हमने कुछ अधिग्रहण भी किए हैं, लेकिन कोई बहुत बड़ी सफलता नहीं मिली है और हमने उन्हें वाजिब दामों पर हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि इन्फोएज हर तिमाही में 1,000 से अधिक संभावित स्टार्ट-अप की छानबीन करती है और अपने वेंचर कैपिटल फंड के जरिये निवेश करने के लिए अंतत: केवल दो या तीन स्टार्ट-अप को चुनती है।

First Published : November 28, 2021 | 11:46 PM IST