facebookmetapixel
Advertisement
ऑटो सेक्टर को PLI स्कीम के तहत FY27 में ₹4,700 करोड़ देगी सरकार, निवेश बढ़ाने की तैयारी तेजटाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव‘ग्रामीण भारत तक पहुंचे बैंकिंग AI, तभी असली सफलता होगी हासिल’, SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी की सलाहपांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज, भाजपा-सपा-कांग्रेस-बसपा समेत दलों ने कसी कमरBrand Canvas 2026: VIT की ‘पावर रेंजर्स’ ने जीता बीस्मार्ट की पहली विज्ञापन प्रतियोगिता का खिताबY2K से AI के दौर तक: 1991 के आर्थिक सुधारों ने कैसे बदल डाली भारतीय IT इंडस्ट्री की पूरी तस्वीरअमेरिका में क्रिप्टो बिल से भारत पर बढ़ा दबाव, ससंदीय समिति ने VDA कानून बनाने की मांग कीनई मर्सिडीज-BMW हुई मंहगी तो पुरानी लक्जरी कारों की बिक्री में आया उछाल, युवा खरीदारों की बनी पसंद‘जिम्मेदारी से करें AI का इस्तेमाल, हर फैसले के लिए आप होंगे जवाबदेह’, RBI गवर्नर ने दी बैंकों को हिदायत

TRAI ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स से असत्यापित टेलीमार्केटर हटाने का दिया निर्देश

Advertisement
Last Updated- February 16, 2023 | 9:14 PM IST
Telecom

टेलीमार्केटिंग फर्मों द्वारा एसएमएस इनबॉक्स को भरते हुए अनधिकृत प्रचार और विज्ञापनों के लगातार बढ़ते खतरे को रोकने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSP) से अपने डेटाबेस को साफ करने और सभी असत्यापित (unverified) टेलीमार्केटर खातों को ब्लॉक करने के लिए कहा है।

एक महत्त्वपूर्ण कदम के तहत ट्राई ने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ती है, तो संदेश प्रसारण में शामिल कंपनियों की साफ तौर पर पहचान की जानी चाहिए और उन पर नजर रखी जानी चाहिए।

ट्राई ने गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से 30 दिनों के भीतर अपने डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजीज (डीएलटी) प्लेटफॉर्म पर सभी पंजीकृत हेडर और मैसेज टेम्प्लेट को फिर से सत्यापित करने तथा 60 दिनों के भीतर सभी असत्यापित हेडर और मैसेज टेम्प्लेट को ब्लॉक करने के लिए कहा।

ट्राई ने दो अलग-अलग दिशाओं में कहा कि सभी प्रचार संदेशों को पंजीकृत टेलीमार्केटरों के जरिये उनके डीएलटी प्लेटफॉर्म पर स्वीकृत हेडर और संदेश टेम्पलेट का उपयोग करते हुए भेजे जाने चाहिए।

डीएलटी प्लेटफॉर्म भेजने वाले की आईडी और टेम्पलेट का रिकॉर्ड रखने और उनका प्रबंध करने वाली डिजिटल प्रणाली होती है। भारत में वे रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल जैसी दूरसंचार सेवा प्रदातओं द्वारा चलाए जाते हैं।

कारोबारों को संबं​धित विवरण प्रस्तुत करते हुए डीएलटी पर खुद को पंजीकृत करने तथा खास हेडरों और मैसेज टेम्पलेटों तक पहुंचने की जरूरत होती है। ये ऐसे विशेष की वर्ड होतें हैं, जो किसी कारोबार या ब्रांड को दर्शाते हैं और जब फोन का इस्तेमाल करने वाला कोई मैसेज प्राप्त करता है, तो ये पॉप अप होते हैं।

Advertisement
First Published - February 16, 2023 | 9:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement