facebookmetapixel
Advertisement
BCCL Share Crash: तिमाही नतीजों ने लगाया बड़ा झटका! एक दिन में 8% से ज्यादा टूटा मल्टीबैगर PSU शेयरBandhan Bank 18% से ज्यादा टूटा, Q1 नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने घटाई रेटिंग; आगे क्या करें निवेशक?Trump Tariff on Generic Drugs: ट्रंप के 200% टैरिफ वाले बयान से टूटे भारतीय फार्मा शेयर, निवेशकों में बढ़ी चिंताFY27 में रेखा झुनझुनवाला का पोर्टफोलियो ₹46,982 करोड़ हुआ, 20% की छलांग; सेंसेक्स सिर्फ 7.7% चढ़ाएस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच अहम बैठक; व्यापार, रक्षा और AI समेत कई मुद्दों पर चर्चाTrump के नए टैरिफ प्लान से Pharma Stocks में हड़कंप! Glenmark, Biocon और Aurobindo के शेयर 3% तक लुढ़केAI पर सख्त नियमों की तैयारी! सेफ हार्बर से लेकर डेटा अधिकार तक बड़े बदलाव पर विचारट्रंप का ऐलान! अगस्त 2028 से जेनेरिक दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ, भारत के निर्यात को लग सकता है झटकाDBT योजनाओं का दूसरा पहलू! रिसर्च ने बताए फायदे, लेकिन लाभार्थियों की छंटनी ने बढ़ाई चिंताStock Market Update: शेयर बाजार में गिरावट जारी! सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला; रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली

मेट्रोपोलिस का तीसरा अधिग्रहण

Advertisement

वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में एक अधिग्रहण का ऐलान करने के बाद मेट्रोपोलिस और ज्यादा अधिग्रहणों की तलाश में है।

Last Updated- April 07, 2025 | 10:38 PM IST
Diagnostics
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुंबई मुख्यालय वाली मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर ने आज कहा कि वह देहरादून की अग्रणी डायग्नोस्टिक श्रृंखला – डॉ. आहूजास पैथोलॉजी ऐंड इमेजिंग सेंटर (डीएपीआईसी) का 35 करोड़ रुपये के नकद सौदे में अधिग्रहण करेगी। कोर डायग्नोस्टिक्स (दिल्ली-एनसीआर) और साइंटिफिक पैथोलॉजी (आगरा) के बाद हाल के महीनों में उत्तर भारत में मेट्रोपोलिस का यह तीसरा अधिग्रहण है। मेट्रोपोलिस की नजर उत्तर भारत में दूसरा स्थान हासिल करने पर है।

वित्त वर्ष 2025 में दो अधिग्रहण और अब वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में एक अधिग्रहण का ऐलान करने के बाद मेट्रोपोलिस और ज्यादा अधिग्रहणों की तलाश में है। मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर की प्रवर्तक और कार्यकारी चेयरपर्सन अमीरा शाह ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि वे इस वित्त वर्ष में एक और अधिग्रहण करेंगे। अलबत्ता उन्होंने समयसीमा पर टिप्पणी नहीं की। उन्होंने विस्तार से बताया कि वे हर साल जो नकदी कमाते हैं, उसमें से करीब 20 प्रतिशत कार्यशील पूंजी के लिए और करीब 20 प्रतिशत लाभांश घोषित करने के लिए रखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘उससे हमारे पास 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा अधिग्रहण के लिए उपलब्ध रहता है। योजना यह है कि बेहतर कार्यशील पूंजी के जरिये लाभ से नकदी सृजित करना जारी रखा जाए और फिर उसका ऐसे रणनीतिक बाजारों में दोबारा निवेश किया जाए जहां हमें लगता है कि हम अच्छी कीमत पर अधिग्रहण कर सकते हैं।’

इस सवाल पर कि क्या वह कारोबार के विस्तारक के लिए प्रवर्ततकों की होल्डिंग का हिस्सा बेचने या कोई रणनीतिक निवेशक लाने की सोच रही हैं तो शाह ने कहा कि ‘अगर हमारी दिलचस्पी कारोबार बेचने में होती, तो हम लाभ को अधिकतम कर रहे होते और प्रयोगशालाओं और अधिग्रहणों में दोबारा निवेश नहीं कर रहे होते।’

Advertisement
First Published - April 7, 2025 | 10:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement