facebookmetapixel
Advertisement
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्टAshok Leyland Q3FY26 Results: मुनाफा 5.19% बढ़कर ₹862.24 करोड़, रेवेन्यू भी बढ़ाUP Budget 2026: योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश, उद्योग और ऊर्जा को मिली बड़ी बढ़त$2 लाख तक का H-1B वीजा शुल्क के बावजूद तकनीकी कंपनियों की हायरिंग जारीFIIs अब किन सेक्टर्स में लगा रहे पैसा? जनवरी में ₹33,336 करोड़ की बिकवाली, डिफेंस शेयरों से दूरीIMPS vs NEFT vs RTGS: कौन सा है सबसे तेज और सस्ता तरीका? जानिए सब कुछ₹21,028 करोड़ मुनाफे के बाद SBI ने TCS को पीछे छोड़ा, बनी देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी

SpiceJet को कोर्ट से लगा बड़ा झटका, 10 सितंबर तक Kalanithi Maran को देने होंगे 100 करोड़ रुपये

Advertisement

न्यायालय ने चेतावनी दी कि यदि अजय सिंह यह रा​शि चुकाने में विफल रहते हैं तो वसूली के लिए स्पाइसजेट की संप​त्तियां कुर्क कर ली जाएंगी

Last Updated- August 24, 2023 | 11:02 PM IST
Spicejet Q2FY26 results

दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह को 10 सितंबर तक केएएल एयरवेज प्रवर्तक कलानि​धि मारन को 100 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने चेतावनी दी कि यदि अजय सिंह यह रा​शि चुकाने में विफल रहते हैं तो वसूली के लिए स्पाइसजेट की संप​त्तियां कुर्क कर ली जाएंगी। इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

24 जुलाई के अदालती निर्देश के अनुसार सिंह आज न्यायमूर्ति योगेश खन्ना के समक्ष पेश हुए।

मारन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अ​धिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि अजय सिंह और उनकी एयरलाइन पर अब उनका करीब 397 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने न्यायालय को बताया कि अदालती आदेशों के अनुसार, सिंह और स्पाइसजेट ने अपनी परिसंप​त्तियों और देनदारियों का हलफनामा दायर किया था, लेकिन वह कानून द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में नहीं था। साथ ही बंद लिफाफे में पेश नहीं किया गया था।

स्पाइसजेट और अजय सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अ​धिवक्ता अमित सिब्बल ने अदालत को बताया कि यदि वे दिवालियापन की प्रक्रिया में चले गए तो किसी को कोई फायदा नहीं होगा।

स्पाइसजेट के अ​धिकारी ने कहा, ‘कलानि​धि मारन और केएएल एयरवेज द्वारा दायर प्रवर्तन याचिका के तहत अदालत ने स्पाइसजेट के परामर्श के बाद कंपनी को 10 सितंबर, 2023 तक 100 करोड़ रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया है। स्पाइसजेट दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करेगी और निर्धारित समय-सीमा के अंदर भुगतान करेगी।’

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 31 जुलाई को कलानि​धि मारन के पक्ष में और स्पाइसजेट के ​खिलाफ मध्यस्थता फैसले को रद्द करने से इनकार कर दिया था।

Advertisement
First Published - August 24, 2023 | 5:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement