अब टल चुके वाइब्रेंट गुजरात समिट 2022 के लिए निवेश प्रोत्साहन गतिविधियों के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुरुवार को कुल 5.955 लाख करोड़ रुपये के निवेश की खातिर गुजरात सरकार के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत 10 गीगावॉट क्षमता वाले अक्षय ऊर्जा संयंत्र और ग्रीन हाइड्रोजन इको-सिस्टम विकसित करने के लिए कंपनी अगले 10-15 वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी ताकि राज्य कार्बन मुक्त हो जाए।
दिग्गज कंपनी ने ऐलान किया कि वह छोटे व मझोले उद्यमों को सहायता देने के लिए इकोसिस्टम विकसित करेगी और उद्यमियों को नई तकनीक व नवोन्मेष अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे अक्षय ऊर्जा व ग्रीन हाइड्रोजन का कैप्टिव इस्तेमाल हो पाएगा।
गुजरात सरकार के संपर्क से आरआईएल पहले ही कच्छ, बनासकांठा और धोलेरा में 100 गीगावॉट की बिजली परियोजना स्थापित करने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर चुकी है जबकि कच्छ में उसने 4.5 लाख एकड़ जमीन मांगी है।
आरआईएल पोलीसिलिकन, वेफर, सेल और मॉड््यूल के अलावा इलेक्ट्रोलाइजर, एनर्जी स्टोरेज बैटरी और फ्यूल सेल्स के उत्पादन के जरिये न्यू एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग-इंंटिग्रेटेड रीन्यूएबल्स मसलन सोलर पीवी मॉड््यूल की स्थापना पर 60,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।
आरआईएल ने कहा, कुल मिलाकर ये परियोजनाएं 10 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के मौके उपलब्ध कराएगी।
आरआईएल अपनी मौजूदा परियोजनाओं व नए उद्यमों पर अगले तीन से पांच साल में 25,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश करेगी। आरआईएल ने जियो नेटवर्क को 5जी में अपग्रेड करने के लिए 7,500 करोड़ रुपये और रिलायंस रिटेल में अगले पांच साल में 3,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।