शेयर बाजार से जुड़े कंज्यूमर सेक्टर में इस समय मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। ज्वेलरी, लग्जरी और आईवियर जैसे सेगमेंट में जहां मजबूत ग्रोथ जारी है, वहीं कपड़ा, फुटवियर, क्यूएसआर और अन्य डिस्क्रेशनरी कैटेगरी में मांग कमजोर बनी हुई है। जीएसटी में कटौती से खपत बढ़ने की उम्मीद जरूर थी, लेकिन त्योहारों का दूसरी तिमाही में खिसक जाना और उम्मीद से कमजोर सर्दी का मौसम खपत पर असर डालता नजर आया।
एमके की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्वेलरी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन के चलते इनके अनुमान बढ़ाए गए हैं, जबकि बाकी ज्यादातर कंपनियों के लिए कमाई के अनुमान घटाए गए हैं। इसके बावजूद कंपनियां नए स्टोर खोलने और विस्तार पर निवेश जारी रखे हुए हैं, जिससे मध्यम अवधि में ग्रोथ को लेकर भरोसा बना हुआ है। कच्चे माल की कीमतें फिलहाल नियंत्रण में हैं और मार्जिन पर दबाव मुख्य रूप से कमजोर बिक्री के चलते है, न कि लागत बढ़ने से।
ज्वेलरी सेक्टर में टाइटन और सेंको गोल्ड सबसे आगे रहे। टाइटन ने घरेलू ज्वेलरी कारोबार में करीब 41% की ग्रोथ दर्ज की, जो उम्मीद से बेहतर रही। सोने की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद कंपनी की बिक्री मजबूत रही, जिसका बड़ा कारण बिल साइज का बढ़ना और ग्राहकों की संख्या में सुधार है। स्टडेड ज्वेलरी की मांग में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। बेहतर नतीजों के चलते ब्रोकरेज ने टाइटन के टारगेट प्राइस में करीब 10% की बढ़ोतरी की है।
सेंको गोल्ड ने तीसरी तिमाही में करीब 51% की मजबूत ग्रोथ दिखाई, जिसमें बड़ा योगदान समान स्टोर बिक्री और नए स्टोर जोड़ने का रहा। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ अनुमान भी बढ़ाया है। मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए ब्रोकरेज को इसमें आगे और सुधार की उम्मीद है।
आईवियर सेगमेंट में लेंसकार्ट पर ब्रोकरेज पॉजिटिव है। कंपनी ने हाल ही में मजबूत बिजनेस मॉडल और टेक्नोलॉजी आधारित रणनीति के दम पर भरोसा जगाया है। जीएसटी कटौती के चलते कुछ खरीदारी दूसरी तिमाही से तीसरी तिमाही में शिफ्ट हुई थी, जिसकी भरपाई आने वाले महीनों में होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में लेंसकार्ट की ग्रोथ अपने रिटेल साथियों से बेहतर रह सकती है।
वेरका बेवरेजेस (VBL) को लेकर ब्रोकरेज को भरोसा है कि आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ रफ्तार पकड़ेगी। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और विस्तार योजनाएं जारी हैं। वहीं, लग्जरी वॉच और लाइफस्टाइल रिटेलर एथोस में भी ग्रोथ बनी रहने की उम्मीद है, हालांकि निकट अवधि में मार्जिन पर थोड़ा दबाव रह सकता है।
फुटवियर और कपड़ा सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है। मेट्रो ब्रांड्स और वी-मार्ट को लेकर ब्रोकरेज का कहना है कि ग्रोथ धीरे-धीरे सुधरेगी, लेकिन पहले के अनुमान से कम रह सकती है। कपड़ा कंपनियों जैसे पीटर इंग्लैंड, आदित्य बिड़ला फैशन और गो कलर्स में सुस्ती जारी रहने के संकेत हैं। गो कलर्स के लिए कमाई और टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की गई है, हालांकि शेयर में आई भारी गिरावट के बाद फिलहाल खरीद की रेटिंग बरकरार रखी गई है।
क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में डोमिनोज (Jubilant FoodWorks) का प्रदर्शन बाकी कंपनियों से बेहतर रहने की उम्मीद है। मांग थोड़ी कमजोर है और पिछले साल का आंकड़ा ज्यादा था, फिर भी कंपनी के पुराने स्टोर्स की बिक्री में थोड़ी-सी लेकिन लगातार बढ़त हो सकती है। खर्च कम होने से मुनाफे में भी हल्का सुधार आने की उम्मीद है
वहीं, देवयानी इंटरनेशनल, सैफायर और वेस्टलाइफ जैसी कंपनियों पर भी कमजोर खपत का असर दिख रहा है, हालांकि लंबी अवधि में ब्रोकरेज सेक्टर को लेकर मजबूत बना हुआ है।
एमके की रिपोर्ट का कहना है कि भले ही फिलहाल कंज्यूमर सेक्टर में सुस्ती दिख रही हो, लेकिन लंबी अवधि में आय में बढ़ोतरी, नए स्टोर विस्तार और संभावित टैक्स कटौती से खपत को सहारा मिल सकता है। इसी आधार पर ब्रोकरेज बड़े शेयरों में टाइटन और वीबीएल, मिडकैप में लेंसकार्ट, वी-मार्ट और मेट्रो ब्रांड्स, जबकि स्मॉलकैप में सेंको और एथोस को प्राथमिकता दे रहा है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।