US President Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर एक बार फिर सख्त बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा कि चीन और रूस ग्रीनलैंड पर नजर बनाए हुए हैं और इस स्थिति में डेनमार्क के पास हालात संभालने की कोई ठोस क्षमता नहीं है। उनके मुताबिक, केवल अमेरिका ही इस “रणनीतिक खेल” में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
ट्रंप ने दावा किया कि ग्रीनलैंड के आसपास कुछ यूरोपीय देशों की गतिविधियों ने वैश्विक सुरक्षा के लिए जोखिम भरी स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने इसे अस्थिर और लंबे समय तक न चलने वाली परिस्थिति बताया।
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात में विश्व शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त फैसले लेना जरूरी हो गया है। उन्होंने साफ किया कि जब तक ग्रीनलैंड को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक प्रस्तावित टैरिफ लागू रहेंगे।
अमेरिका के राष्ट्रपति के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। 1 जून 2026 से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि ये शुल्क तब तक जारी रहेंगे, जब तक ग्रीनलैंड की “पूर्ण और अंतिम खरीद” को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड की अहमियत को अमेरिका की प्रस्तावित रक्षा परियोजना “गोल्डन डोम” और आधुनिक हथियार प्रणालियों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में उन्नत आक्रामक और रक्षात्मक तकनीकों के लिए ग्रीनलैंड का भौगोलिक स्थान बेहद महत्वपूर्ण है।
कड़े रुख के बावजूद ट्रंप ने बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका डेनमार्क और अन्य संबंधित देशों के साथ तत्काल बातचीत के लिए तैयार है।